पूरनपुर। नेपाल से बंजरिया गांव लौटे चार मजदूरों को गांव में घुसने पर रोक दिया गया। बाद में जब उन्होंने कहा कि जांच कराकर ही आए हैं तो उन्हें घर जाने दिया गया। इसके बावजूद गांव के लोगों ने सक्रियता दिखाते हुए स्वास्थ्य विभाग को इन लोगों के आने की सूचना दे दी। इस पर वहां पहुंची टीम ने चारों की जांच की और सब कुछ ठीक मिलने के बावजूद उन्हें अपने-अपने घरों में ही रहने की सलाह दी।
ये चारों मजदूर पांच माह तक नेपाल में रहकर आए थे। रविवार शाम जब बंजरिया पहुंचे तो लोगों ने आपत्ति जताते हुए गांव के अंदर आने से रोक दिया। गांव वालों का कहना था कि नेपाल से आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित है। गांव आने से पहले इन लोगों को जांच करानी चाहिए थी। अगर ये कोरोना से संक्रमित होंगे तो पूरा गांव चपेट में आ जाएगा। इस पर चारों लोगों ने बताया कि कई जगह जांच के बाद ही वे बंजरिया गांव तक पहुंच पाए हैं। तब उन्हें घरों को जाने दिया गया। इस बीच चारों के बारे में कुछ लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को सूचना दे दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की। एमओआईसी डॉ. सीपी सिंह ने बताया कि जांच में सब कुछ ठीक निकला। चारों लोगों को अपने घरों में अलग कमरे में रहने की सलाह दी है।
16 अन्य लोगों की भी जांच की गई
विदेशों और अन्य प्रदेशों से क्षेत्र में आए 16 लोगों को जांच के बाद घरों में एकांत में रहने की सलाह दी गई है। मुंबई से मोहल्ला साहूकारा में आए एक युवक, मुझाखुर्द और बंजरिया में आस्ट्रेलिया से आए एक-एक व्यक्ति की जांच की गई। गांव कल्यानपुर में दुबई से आई एक महिला की भी जांच की गई। गांव कसगंजा में मुंबई से आए युवक की, गांव बंजरिया में कनाडा से आए दंपति, हरीपुर में न्यूजीलैंड से आए दो लोगों की, मोहल्ला रजागंज में दुबई से आए दो लोगों की, गांव शिवनगर में बैंकाक से आए एक व्यक्ति की, नगर की सीमेंट रोड इलाके में मलेशिया से आए एक दंपति की जांच की गई। गांव कुवंरपुर में आस्ट्रेलिया से आए एक व्यक्ति की, गांव किशनपुर में कनाडा से आए एक व्यक्ति की स्वास्थ्य विभाग टीम ने पहुंचकर जांच की। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. छत्रपाल ने बताया कि ये सभी लोग फरवरी और मार्च में आए हैं। जांच में सबकी हालत ठीक मिली। हालांकि इन लोगों को घरों में अलग कमरे में रहने की हिदायत दी गई है।