पीलीभीत। सैनिटाइजर को प्रिंटरेट से 100 रुपये ज्यादा में बेचकर मुनाफा कमा रहे मेडिकल स्टोर संचालक पर आखिर कानूनी शिकंजा कस ही गया। तीन दिन पहले सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार की अगुआई में मारे गए छापे के दौरान गड़बड़ी सामने आई थी। डीएम के निर्देश पर अब ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। शनिवार रात पुलिस ने तहरीर के आधार पर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत नामजद एफआईआर दर्ज कर ली।
ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कोरोना वायरस के अलर्ट के बीच मेडिकल स्टोरों पर मास्क एवं हैंड सैनिटाइजर की ओवररेटिंग की शिकायत मिल रही थी। 18 मार्च को मामला पकड़ने के बाद 20 मार्च को ड्रग इंस्पेक्टर दोबारा टीम के साथ चेकिंग करने गई थीं। तहरीर में ड्रग इंस्पेक्टर का कहना है कि गौहनिया चौराहा के पास मेडिकल स्टोर पर प्रिंटरेट से 100 रुपये अधिक पर सैनिटाइजर बिकते मिले। मांगने पर बिल देने से भी इनकार किया गया। रुपये देकर ओवररेट में लेखपाल ने सैनिटाइजर खरीद लिए। इसके बाद पीछे से टीम भी मेडिकल स्टोर पर पहुंच गई। मेडिकल स्टोर संचालक ने अपना नाम मोहल्ला नई बस्ती निवासी कौशल कुमार पुत्र पोथीराम बताया। दुकान का लाइसेंस पत्नी कमलेश के नाम था। दुकान पर खरीद बिल और कैश मेमो भी नहीं था। तहरीर में बताया कि छानबीन में सामने आया कि सैनिटाइजर और मास्क की डिमांड बढ़ने पर अधिक धन कमाने के लालच में ओवररेटिंग की जा रही थी। कोतवाल श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मेडिकल स्टोर संचालक कौशल कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा तीन और सात के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।