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खींचतान के बाद मास्क और सेनेटाइजर ओवररेट में बेचने वाले मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई तय

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पीलीभीत। 24 घंटे तक चली खींचतान के बाद मास्क और सैनिटाइजर ओवररेट में बेचने वाले मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई कर दी गई है। शहर विधायक के कहने पर दोनों मेडिकल स्टोर की कब्जे में ली गई चाबियां तो लौटा दी गईं, मगर कार्रवाई से पीछे नहीं हटा गया। डीएम ने केके मेडिकल स्टोर मालिक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर के आदेश कर दिए। वहीं बीना मेडिकल स्टोर पर कोरोना संबंधित दवाइयां ओवररेट बेचने पर कार्रवाई के लिए शासन से निर्देश मांगे गए हैं।
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कोरोना वायरस के चलते शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में लगभग 900 मेडिकल स्टोर हैं। जब से कोरोना वायरस का प्रकोप फैला है, तब से इनमें अधिकांश मेडिकल स्टोरों पर मास्क, सैनिटाइजर समेत कोरोना से सुरक्षा संबंधी अन्य चीजों के दाम पांच से छह गुने बढ़ाकर उन्हें बेचा जा रहा है। पता चलने के बाद बुधवार रात सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह ने पुलिस को साथ लेकर शहर के केके और बीना मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे थे। पहले मेडिकल स्टोर पर निर्धारित रेट से पांच से छह गुना रेट ज्यादा पर बिकते मिले। वहीं दूसरे पर अधिकृत कंपनियों के अलावा स्थानीय कंपनियों के बनाए घटिया मास्क और सैनिटाइजर बिकते हुए पाए गए। सिटी मजिस्ट्रेट का छापा पड़ते ही अन्य मेडिकल स्टोर मालिक सक्रिय हो गए। उन्होंने इधर-उधर से अफसरों को फोन करवाकर कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। जब अफसरों ने उनकी बात नहीं सुनी तो शहर विधायक संजय सिंह गंगवार तक मामला पहुंचाया। विधायक ने बीचबचाव कर माहौल शांत कराया और दोनों पक्षों में मामला निपटाने की कोशिश की। मगर सिटी मजिस्ट्रेट दोनों मेडिकल स्टोरों की चाबी साथ लेकर चले गए। मेडिकल स्टोर संचालक देर रात विधायक के आवास पर गए और वहां भविष्य में तय रेट पर ही सैनिटाइजर और मास्क बेचने की बात लिखकर दे दी। लिखा है कि जितने में मिलेंगे, उस पर सिर्फ दस प्रतिशत ही कमीशन लेंगे। इसके बाद मेडिकल स्टोर की चाबी देने की सिफारिश विधायक ने भी की। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद बमुश्किल दोनों मेडिकल स्टोरों पर चाबी तो मिल गई, लेकिन प्रशासन की ओर से बीना मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई के लिए शासन को लिख दिया गया। वहीं केके मेडिकल स्टोर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत एफआईआर के लिए डीएम ने ने आदेश कर दिए। रात तक इसके लिए कार्रवाई की जा रही थी।
मेडिकल स्टोर संचालकों ने लिखकर दे दिया है कि वह मास्क और सैनिटाइजर ओवररेट में नहीं बेचेंगे। मेडिकल कारोबारी समेत हर कोई देश भक्त है। सब मिलकर कोरोना से लड़ेंगे। -संजय सिंह गंगवार, विधायक शहर
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एक मेडिकल स्टोर पर उन कंपनियों के सैनिटाइजर और मास्क बेचे जा रहे थे, जो इन्हें बनाने के लिए अधिकृत ही नहीं हैं। इसलिए शासन को लिखा गया है। जैसी गाइडलाइन होगी, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। दूसरे मेडिकल स्टोर संचालक पर एफआईआर दर्ज करा दी गई है। मास्क और सैनिटाइजर की कालाबाजारी करने वालों पर हर हाल में कार्रवाई की जाएगी। कुछ सैनिटाइज सैंपल के तौर पर लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। -वैभव श्रीवास्तव, डीएम,
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