कोरोना वायरस से पूरी दुनिया में खौफ है। देश के विभिन्न हिस्सों में कोरोना मरीज मिलने के बाद भी अब तक सरकार के प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में है। मगर, नेपाल और भारत के बीच खुले कुछ अनाधिकृत रास्तों से आने वाले लोगों के जरिए कोरोना वायरस आने का खतरा बरकरार है। सुरक्षा एजेंसियां इन रास्तों पर नजर तो बनाए हैं, लेकिन चोरी छुपे आवाजाही जारी है। वहीं केवल अधिकृत रास्तों पर ही कैंप लगाकर स्क्रीनिंग हो रही है।
उधर, एक नई समस्या यह सामने आ रही है कि सीमा किनारे ढाबों-दुकानों पर मांसाहारी भोजन और शराब की बिक्री होने से वहां बैठने वाले लोगों के बीच वायरस फैलने का खतरा पैदा हो रहा है। भारत-नेपाल सीमा की रामनगरा चौकी क्षेत्र पर अंतरराष्ट्रीय पिलर संख्या 21 के नजदीक नोमैंस लैंड के किनारे नेपाल के मयखाने चल रहे हैं। इन पर प्रति दिन भारतीय नागरिक शराब पीने के अलावा मछली और मुर्गा समेत अन्य मांसाहारी भोजन करने जाते हैं। अब तक इन पर कोई अंकुश नहीं लगाया गया है।
फेरी लगाकर नेपाल में सामान बेचने वालों पर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता नहीं बरत रही हैं। पड़ोसी देश नेपाल की एक सीमा चीन से लगी है। इस समय कोरोना वायरस का असर नेपाल में भी है। इंडो- नेपाल की सीमा खुली होने की वजह से कभी भी कोरोना संक्रमित व्यक्ति भारतीय सीमा में प्रवेश कर सकते हैं। रामनगरा चौकी क्षेत्र की इंडो नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 21 के नोमैंस लैंड एरिया में शराब के मयखानों पर भारतीय और नेपाली नागरिक मिलकर मुर्गा मछली खाते हैं और वहीं शराब पीते हैं।
इसलिए कोरोना वायरस का खतरा इस सीमावर्ती इलाके में मंडराने का खतरा बना हुआ है। यहां कोरोना संबंधी जागरूकता अभियान भी नहीं चला। कुछ दिन पहले नेपाल के इन मयखानों पर स्थानीय पुलिस ने शराब पीने जाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे कुछ दिन के लिए मयखाने भी बंद हो गए थे। मगर, अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया है।