पीलीभीत। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं से प्रभावित परिवारों की मूलभूत समस्याओं को दूर करने के प्रयास शुरू किए गए हैं। इसके लिए पीटीआर और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को मुख्यालय पर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संघर्ष से प्रभावित रहे 26 परिवारों के सदस्यों से अफसरों ने बातचीत की और उनकी समस्याओं को जाना।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं से प्रभावित रहे परिवारों की समस्याओं को सुनने और निराकरण के प्रयास किए गए हैं।
इसको लेकर बृहस्पतिवार को पीटीआर मुख्यालय स्थित सभागार में पीलीभीत टाइगर रिजर्व और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के संयुक्त तत्वावधान में संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वर्ष 2020 से लेकर 24 तक वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं से प्रभावित रहे 26 परिवारों के सदस्यों से बातचीत की गई।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ संघर्ष की रोकथाम करना है। इसके लिए वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों से बातचीत की गई। इस दौरान विभागीय मदद के अलावा अन्य समस्याओं की स्थिति को जानने के प्रयास किए गए।
उक्त परिवारों की विभाग के प्रति रखने वाली अपेक्षाएं को भी जाना गया। प्रभावित परिवारों ने प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, बच्चों की शिक्षा, वृद्धा पेंशन एवं विधवा पेंशन दिलवाने की अपेक्षा की। इस पर जरूरी कदम उठाने का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम संचालन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया।