बरातबोझ सहकारी समिति पर खाद लेने पहुंचे किसान। संवाद
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पीलीभीत। सहकारी समितियों के सचिव खाद वितरण में मनमानी चला रहे हैं। किसानों को जबरन नैनो यूरिया दी जा रही है। जो किसान नैनो यूरिया नहीं ले रहा, उसे खाद देने से मना कर दिया जा रहा है। ताजा मामला सहकारी समिति बरातबोझ का सामने आया है। यहां किसानों ने शनिवार को हंगामा किया। मामला एआर को-ऑपरेटिव तक पहुंचा। एआर को-ऑपरेटिव ने खाद वितरित कर रहे सहयोगी को फटकार लगाई और किसानों को खाद वितरित करने के निर्देश दिए।
शासन ने इस बार नैनो यूरिया को लेकर जिले को 75 हजार बोतलें बेचने को लक्ष्य दिया है, लेकिन ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया है कि किसानों को जबरन नैनो यूरिया दिया जाए। दूसरी तरफ आरोप है कि सहकारी समितियां जबरन किसानों को नैनो यूरिया दे रही हैं। बरातबोझ सहकारी समिति पर डीपीए खाद नहीं है। यहां एनपीके की उपलब्धता है। शनिवार को कई किसान गेहूं की बुआई के लिए खाद लेने पहुंचे तो उनसे कह दिया गया कि बिना नैनो यूरिया एनपीके खाद नहीं मिलेगी। खाद लेने आए बाबूराम ने बताया कि चार बीघा गेहूं की बुआई करनी है। एक बैग एनपीके लेने आए थे, लेकिन यहां नैैनो यूरिया लेने पर मजबूर किया गया, जबकि बुआई में नैनो यूरिया की जरूरत नहीं है। अब 240 रुपये की बोतल के लिए रुपये कहां से लाएं। इससे अच्छा तो निजी दुकान से डीएपी ले लेते।
आरोप है कि यहां देवी राम, राम स्वरूप, मोहन, नन्हे आदि किसानों को खाद देने से मना कर दिया गया। खाद वितरित कर रहे राजा राम का कहना है कि सचिव ने आदेश दिए है कि बिना नैनो यूरिया के खाद किसी को नहीं दी जाए। सचिव मौके पर नहीं थे, लिहाजा किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि छोटे किसानों एक कट्टा खाद पर एक बोतल नैनो यूरिया दी जा रही है। जबकि बड़े किसानों को बिना नैनो यूरिया के ही खाद देदी गई।
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एआर को-ऑपरेटिव बोले, किसानों को नैनो यूरिया के लिए मजबूर नहीं कर सकते
मामला एआर को-ऑपरेटिव वीर विक्रम तक पहुंचा। उन्होंने खाद वितरित कर रहे सहयोगी को फटकारा और कहा कि शासन से ऐसे कोई निर्देश नहीं हैं। किसानों को नैनो यूरिया के लिए मजबूर न करें। किसानों को जागरूक करें और खड़ी फसल पर इसका उपयोग किया जाना है। उन्होंने बताया कि इस बाबत सभी समितियों को निर्देश जारी किए जाएंगे।