गवाह सारिक को किया गिरफ्तार
मोहल्ले का ही सारिक नामक युवक गवाह बना था। इस जानकारी पर सात जनवरी को चौक कोतवाली पुलिस ने पीलीभीत पुलिस के सहयोग से काजी और गवाह के घर पर छानबीन की थी। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि डॉ. रमीज मलिक और युवती निकाह के लिए पीलीभीत आए ही नहीं थे, बल्कि काजी और गवाह की भूमिका दिखाते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे। आरोपी डॉक्टर से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। इसी क्रम में बृहस्पतिवार शाम लखनऊ पुलिस ने गवाह सारिक को पीलीभीत से गिरफ्तार कर लिया।
जल्द हो सकती है काजी की गिरफ्तारी
इसके बाद शुक्रवार को काजी जाहिद हसन राना का नाम भी दर्ज रिपोर्ट में बढ़ाते हुए कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी किया गया। लखनऊ पुलिस ने काजी की गिरफ्तारी के लिए पीलीभीत कोतवाली पुलिस से औपचारिक रूप से सहयोग मांगा है। बताया जा रहा है कि लखनऊ पुलिस की एक टीम जल्द पीलीभीत आकर काजी की तलाश में दबिश दे सकती है। कोतवाल सत्येंद्र कुमार ने बताया कि काजी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हो चुका है। लखनऊ पुलिस के पीलीभीत आने पर नियमानुसार पूरा सहयोग किया जाएगा।