पीलीभीत। कई वर्षों से बदहाली का दंश झेेल रहीं शहर की तीनों कांशीराम आवासीय कॉलोनियों की सूरत बदलने के लिए डीएम पुलकित खरे ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। एडीएम वित्त, सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर को एक-एक कॉलोनी का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे निरीक्षण करके उनकी खामियां देखेंगे और फिर डीएम को रिपोर्ट सौंपेंगे। इसके अलावा ये अधिकारी नगर पालिका की ईओ से समन्वय कर कॉलोनियों में साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त कराएंगे।
गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए बसपा सरकार में कांशीराम आवास बनवाए गए थे। शहर के ट्रांसपोर्ट नगर, ईदगाह और आवास विकास कॉलोनी के पास ये इन आवासों को बनाया गया, जिन्हें कांशीराम कॉलोनी के नाम से जाना जाता है। बसपा सरकार में तो ये कॉलोनी चमचमाती रहीं। अफसर खुद निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराते थे। मगर बसपा से सत्ता छिनने के बाद कांशीराम कॉलोनियों में कोई अफसर झांकने तक नहीं पहुंचा। लंबे समय से यहां के लोग गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं। सड़कें भी जर्जर हो चुकी हैं। कूड़े के ढेर लगे होने से संक्रामक बीमारियां फैलने का अंदेशा है।
अमर उजाला ने कांशीराम कॉलोनियों की दुर्दशा पर सोमवार को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसका डीएम ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने कांशीराम कॉलोनियों का निरीक्षण कर अव्यवस्थाएं दूर कराने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिए। एडीएम एफआर अतुल सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह और एसडीएम सदर अविनाश चंद्र मौर्य तीनों अधिकारियों को इन कॉलोनियों में अव्यवस्थाएं दूर कर उन्हें चमकाने की जिम्मेदारी दी गई है। तीनों अधिकारियों को डीएम की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि वे खुद मौके पर जाकर कांशीराम कॉलोनियों का निरीक्षण करेंगे। ईओ से मिलकर सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद करेंगे। डीएम पुलकित खरे ने बताया कि कांशीराम कॉलोनियों में सफाई समेत अन्य अव्यवस्थाएं दूर करने के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। उनकी देखरेख में अव्यवस्थाओं को दूर करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।