संविदा सफाईकर्मियों की भर्ती में आरक्षण के विरोध में पश्चिमी यूपी के सभी सफाईकर्मी कामबंद कर धरना प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय प्रदेश के तमाम जिलों से आए सफाई कर्मियों व वाल्मीकि समाज के लोगों की बैठक में शुक्रवार को लिया गया।
राष्ट्रीय सफाई मजदूर संघ की शुक्रवार को शहर के नकटादाना चौराहा स्थित कार्यालय में हुई बैठक में जनपद के अलावा रामपुर, मुरादाबाद, संभल, शाहजहांपुर, बरेली, मेरठ आदि जनपदों से आए सफाई कर्मियों व समाज के लोगों ने भाग लिया। कर्मचारी नेता रोहित वाल्मीकि ने कहा कि पूरा समाज सरकार के समाजविरोधी निर्णय के खिलाफ सड़कों पर उतर पड़ा है। प्रदेश स्तरीय आंदोलन के जरिए हम सरकार को यह निर्णय बदलने को मजबूर कर देंगे। समाज के लोग इन नौकरियों को हर हाल में लेकर रहेंगे। राष्ट्रीय महासचिव विकास वाल्मीकि ने कहा कि एक सोची समझी साजिश के तहत समाज से रोजगार छीना जा रहा है। वर्ष 1961 में जस्टिस मलकानी ने यह नौकरियां सिर्फ मेहतर समाज के लोगों को देने की सिफारिश की थी और तबसे से यह प्रक्रिया चली आ रही है, लेकिन अब सरकारें इस समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार से वंचित रखने को शोषण व उत्पीडन कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वाल्मीकि सेना के प्रदेश अध्यक्ष अटल वाल्मीकि ने कहा कि इस समाजविरोधी सरकार के निर्णय के विरोध में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। 24 जिलों से शुरू हुआ आंदोलन अब पूरे प्रदेश में फैलेगा। तय हुआ कि पश्चिमी यूपी के सभी सभी सफाईकर्मी अब कामबंद हड़ताल कर धरना प्रदर्शन करेंगे और जस्टिस मलकानी की रिपोर्ट के अनुसार यह नौकरियां सिर्फ मेहतर जाति के लोगों को देने के लिए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करेंगे। अध्यक्षता मनोज वाल्मीकि व संचालन विजयपाल ने किया। इस मौके पर रमेशचंद, जग्गोदेवी, सोनू वाल्मीकि, रवि वाल्मीकि, राजीव वाल्मीकि, अजय वाल्मीकि, जॉनसन, विक्की, मोहित, ओमप्रकाश, विजय, शिवम, धर्मेंद्र, प्रदीप, अरुण राही, वंशीलाल, नरेश वाल्मीकि आदि ने भी विचार रखे।