28 मार्च 2009 को भाजपा नेता कलराज मिश्र लोकसभा चुनाव के दौरान पीलीभीत कचहरी आए थे। तब पुलिस ने कलराज मिश्र और पूर्व भाजपा विधायक वीके गुप्ता पर आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार इन नेताओं ने सरकारी अनुमति के बगैर कचहरी में सभा को संबोधित किया था। नौ फरवरी 12 को एडीएम ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया था, जिस पर अदालत ने दोनों भाजपा नेताओं को तलब किया था। बीके गुप्ता ने जमानत करा ली थी। कलराज मिश्र अदालत में हाजिर नहीं हुए। इस पर अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। हाल ही में प्रदेश सरकार ने कोर्ट में विचाराधीन इस मुकदमे की वापसी का आदेश जारी कर दिया है। डीएम कार्यालय में आदेश मिलते ही इसे अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी को सौंप दिया गया है। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के तहत सरकार को मुकदमा वापस लेने का अधिकार है। मुकदमा वापसी के लिए अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में अर्जी देने की तैयारी कर ली है। जिलाधिकारी ओएन सिंह ने भी मुकदमा वापसी संबंधी आदेश प्राप्त होने की पुष्टि की है।