नौगवा ओवरब्रिज निर्माण को लेकर रेलवे प्रशासन द्वारा 12 सितंबर को नौगवा रेलवे क्रासिंग बंद करने की घोषणा थोथी साबित हुई। हालांकि रेलवे क्रासिंग बंद होने की सूचना से लोगों में हड़कंप मचा रहा।
शहर के बहुप्रतिक्षित नौगवा ओवरब्रिज का निर्माण 31.5 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी राज्य सेतु निगम को सौंपी गई है। सेतु निगम ने निर्माण को लेकर पहले से ही यहां सामान जमा करना शुरू कर है। सेतु निगम के अफसरों के मुताबिक ओवरब्रिज सवा 911 मीटर लंबा व 7.5 मीटर चौड़ा बनना है। इनके निर्माण की कवायद तो कुछ माह पहले ही शुरू हुई थी, लेकिन वन विभाग ने मार्ग के किनारे खड़े पेड़ों के कटान को लेकर आपत्ति जताई थी। इसको लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी मांग गई है। इधर, नौ सितंबर को इज्जतनगर मंडल कार्यालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ओवरब्रिज निर्माण को लेकर 12 सितंबर से नौगवा रेलवे क्रासिंग बंद होने की घोषणा की थी, लेकिन निर्धारित तिथि पर नौगवा रेलवे क्रासिंग को बंद नहीं किया गया। हालांकि रेलवे क्रासिंग बंद होने की घोषणा के बाद शनिवार को पूरे दिन अटकलें लगती रही, लेकिन देर शाम तक रेलवे क्रासिंग बंद नहीं हो सका। इसको लेकर व्यापारियों व वाहन संचालकों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा।
ओवरब्रिज निर्माण में पटरी के ऊपर के 25 मीटर हिस्से में रेलवे को ही निर्माण कराना है। संभवता उन्होंने अपने कार्य शुरू करने को लेकर रेलवे क्रासिंग बंद करने की घोषणा की होगी। सेतु निगम को अगले सप्ताह तक एनओसी मिलने की संभावना है। एनओसी मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
आशीष निर्वाल, जेई, राज्य सेतु निगम
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मंडल कार्यालय द्वारा ओवरब्रिज निर्माण को लेकर 12 सितंबर को नौगवा रेलवे क्रासिंग बंद करने की घोषणा की गई थी। राज्य सेतु निगम द्वारा कार्य नहीं कराया जा सका, जिसके चलते रेलवे क्रासिंग को बंद नहीं किया गया है।
राजेंद्र सिंह, पीआरओ, इज्जतनगर मंडल कार्यालय