टाइगर रिजर्व के पर्यटक अब पांच माह तक इसका लुत्फ नहीं उठा सकेंगे। 15 जून
शाम से इसे पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया जाएगा। अब 16 नवंबर से इसे
खोला जाएगा।
नौ जून 2014 को जिले के जंगल को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया
गया था, लेकिन चंद दिनों बाद ही इसे बंद कर दिया गया। 16 नवंबर 2014 से
इसे पर्यटकों के लिए फिर से खोला गया। इस दौरान चूका स्पॉट की मरम्मत के
साथ कुछ इंट्री गेट और चूका स्पॉट में कैंटीन आदि की बेहतर व्यवस्थाएं कराई
गईं। सात माह तक पर्यटकों ने इसका जमकर लुत्फ उठाया। आंकड़ों की बात करें
तो यहां करीब 11 हजार पर्यटक चूका स्पॉट पहुंचे, जिससे टाइगर रिजर्व को 14
लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। टाइगर रिजर्व की यह आय पिछले साल की अपेक्षा
लगभग दो गुनी रही।
वीआईपी को खूब भाया टाइगर रिजर्व
टाइगर
रिजर्व बनने के बाद यहां मुख्य सचिव आलोक रंजन सहित कई मंत्री, अधिकारी और
वीआईपी बड़ी संख्या में पहुंचे। अधिकारियों के लगातार आने से इसकी
व्यवस्थाएं दुरुस्त रहीं और इसका लाभ पर्यटकों को भी मिला।
वर्षगांठ के दिन हुआ बवाल
टाइगर
रिजर्व नौ जून को अपनी स्थापना दिवस के दिन जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद
मियां उर्फ छोटे और वनकर्मियों की बीच हुई मारपीट के लिए भी चर्चित हुआ।
इसके चलते जिला पंचायत सदस्य के साथ ही वनकर्मियों पर भी मुकदमा कायम हो
गया।
नियमानुसार टाइगर रिजर्व को 15 जून शाम से पर्यटकों
के लिए बंद किया जा रहा है। इस दौरान इसमें कुछ और काम कराए जाएंगे। पांच
माह बाद 16 नवंबर को यह दोबारा खोला जाएगा।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ