मेडिकल कॉलेज में मरीजो को देखते चिकित्सक । संवाद
पीलीभीत। सर्द हवाओं के बीच जहां लोगों के हाथ-पैर जकड़ रहे हैं। पुरानी चोट व जोड़ों का दर्द भी परेशान कर रहा है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना ऐसे 50-60 मरीज पहुंच रहे हैं। जिनको पुरानी चोटों का दर्द दोबारा से उभरा है। ऐसे मरीजों को ठंड से बचने की सलाह के साथ ही दवा दी जा रही है।
आर्थोपैडिक सर्जन एवं मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि सर्दी में काफी ऐसे मरीज आते हैं, जिनको पूर्व में चोट लगी थी। ठंड का हड्डियों पर ज्यादा असर होता है। 60 साल से ऊपर के लोगों को इन दिनों काफी संभलकर रहना चाहिए। जोड़ों के दर्द से परेशान लोग भी आ रहे हैं। डाॅ. संजीव ने बताया कि सर्दी की वजह से हवा में नमी कम हो जाती है और हवा का दबाव भी कम हो जाता है। इससे मांसपेशियां और जोड़ फैलकर ढीले पड़ जाते हैं। इससे पुरानी चोट वाली जगहों पर दबाव बढ़ जाता है, इससे दर्द और सूजन बढ़ जाती है। हड्डी रोग से संबंधित रोजाना करीब 50 मरीज आ रहे हैं। दवा के साथ ऐसे लोगों को घुटने, सीने आदि जगहों पर गर्म पट्टी बांधने की सलाह के साथ दवा भी दी जा रही है।
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यह बरतें सावधानी
- सर्दी में सुबह-शाम टहलने से बचे।
- घर पर हल्की कसरत करें ताकि जोड़ चलते रहें।
- गुनगुने पानी से नहाएं, बाथरूम में ही कपड़े बदलें।
- घर से बाहर जाने पर थ्री लेयर कपड़े जरूर पहनें।
- आहार में हल्का खाना लें, जिसमें हरी सब्जियों शामिल करें।