कुर्सी के चक्कर में आनन फानन में शादी और चुनावी व्यस्तता के चलते नई
नवेली दुल्हन अपने पिया के पैतृक गांव तक नहीं पहुंच सकीं थीं। अब चुनाव
जीतकर आरती जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद जब पहली बार अपने पति के पैतृक
गांव ऐमी पहुुंचीं तो गांव के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
जिले की
प्रथम नागरिक बनकर पूरे गांव का मान बढ़ाने वाली बहू को पाकर गांव वाले
काफी खुश नजर आए। जिला पंचायत अध्यक्ष ने भी अपने विधायक ससुर पीतमराम के
साथ गरीब महिलाओं को कपड़े और कंबल बांटकर उनका आशीर्वाद लिया।
जिला
पंचायत चुनाव के समय अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित
होने पर पूरनपुर से सपा विधायक पीतमराम ने अपने बेटे डॉ. महेंद्र की आरती
के साथ आनन फानन में कोर्ट मैरिज करा दी थी।
चुनाव की व्यस्तता के दौरान
शादी होने के कारण नई नवेली दुल्हन को शहर स्थित ससुराल में ही रहना पड़ा
था। उसे अपनी जहानाबाद क्षेत्र के गांव ऐमी स्थित अपने पति के पैतृक गांव
पहुंचने का मौका ही नहीं मिला था। अब चुनाव जीत आरती जिला पंचायत अध्यक्ष
बनने में कामयाब हो गईं।
इसके बाद विधायक अपनी पुत्रवधू को पहली बार
गांव ऐमी लेकर पहुंचे। पीलीभीत के इतिहास में शायद पहली बार कोई दुल्हन
अपनी ससुराल लालबत्ती की गाड़ी से पहुंच रही थीं, इसलिए गांव वाले भी काफी
खुश थे।
उन्होंने स्वागत की जोरदार तैयारी भी की थीं। ससुर और पति के साथ
पहली बार गांव पहुंचने पर बहू ने भी रीति रिवाज का पूरा ख्याल रखा और अपनी
ससुराल की देहरी को लांघने से पहले पैर छूने के बाद ही अंदर प्रवेश किया।
स्वागत में लोगों ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। गांव के युवाओं ने
आतिशबाजी भी छुड़ाई। बहू आरती ने विधायक ससुर पीतमराम के साथ गांव की
महिलाओं को कपड़े बांटे और बड़े बुजुर्गों से आशीर्वाद भी लिया।