रिपोर्ट लिखाने के बाद केस के मुद्दई ने झोलाछाप डॉक्टर के पक्ष में गवाही देकर उसे दोषमुक्त करा दिया। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट जय प्रकाश पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेकर मुद्दई (वादी) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे दंडित करने की कार्रवाई शुरू की है।
गांव बर्रामऊ निवासी अनुसूचित जाति के छेदालाल ने थाना बरखेड़ा पर रिपोर्ट दर्ज कराई जिसके अनुसार उसकी पुत्री सरस्वती की हथेली पक गई थी। उसने गांव पिपरिया मंडन में डॉक्टरी की दुकान चला रहे गांव परेवा अनूप निवासी झोलाछाप चिकित्सक राजेंद्र कुमार से इलाज कराया। 17 अक्तूबर 2014 को उसने पुत्री को इंजेक्शन लगा दिया जिससे उसके चक्कते पड़ गए और कमर के नीचे से विकलांग हो गई। बाद में जिला अस्पताल में उसका उपचार हुआ। आरोपी डॉक्टर ने उसे गालियां और धमकियां दी। जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया।
पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान वादी छेदालाल अपने आरोपों से मुकर गया। उसने राजेंद्र के पक्ष में गवाही दी। साक्ष्य के अभाव में स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट जयप्रकाश पांडेय ने झोलाछाप को दोषमुक्त कर दिया। अदालत में गलत गवाही देने पर मुद्दई छेदालाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्हें नोटिस भेजकर दंडित करने के लिए कोर्ट में तलब किया गया है।