पीलीभीत। नौकरी के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले मे जहानाबाद चेयरमैन, उनके पति और पुत्र की ओर से प्रस्तुत अग्रिम जमानत सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने सशर्त स्वीकार कर ली।
थाना जहानाबाद मे थाना नवाबगंज के मोहम्मद फहीम ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2023 मे उसकी पहचान नगर पंचायत जहानाबाद की चेयरमैन के पति दुर्गाचरण से हो गई। इसके बाद एक-दूसरे के घर आना-जाना भी हो गया। अगस्त 2023 में चेयरमैन ममता गुप्ता, उनके पति दुर्गाचरण गुप्ता और पुत्र शगुन गुप्ता ने वादी को विश्वास मे लेते हुए उसके पुत्र की नगर पंचायत जहानाबाद के कार्यालय मे लिपिक पद पर नौकरी दिलाने का विश्वास दिलाकर 14,8000 रुपये ले लिए।
फहीम के अनुसार उसने अपना मकान बेचकर रुपये दिए। इसके बाद उक्त लोगों ने उसके पुत्र को चालक के पद पर नियुक्ति दे दी । जब उसने इसका विरोध किया तो उन्होंने कहा कि बाद मे लिपिक के पद पर समायोजित कर स्थायी करवा दिया जाएगा। फहीम ने आरोप लगाया कि दो माह बाद वादी ने पुत्र को समायोजित करने के लिए कहा तो उसे निलंबित करने के साथ जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया।
जब वादी ने दबाव बनाया तो उसके एक लाख रुपये वापस कर दिए गए। 20 अप्रैल 2024 को शेष रुपये वापस मांगे तो पांच लाख 80 हजार रुपये का चेक दिया जो बाउंस हो गया।
बाद में आठ मई 2024 को शेष रुपये देने की बात कही गई। इस पर वादी आठ मई को सुबह रुपये लेने गया तो चेयरमैन के पति दुर्गाचरण न उस पर फायर किया। इस मामले में जनपद सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए चेयरमैन ममता गुप्ता, उनके पति दुर्गाचरण गुप्ता व शगुन गुप्ता की ओर से याचिका प्रस्तुत की गई। न्यायालय ने अभियोजन व बचाव की ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली।