जिले में मंगलवार से जापानी इंसेफ्लाइटिस (दिमागी बुखार) रोग से बचाव को टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। पूरनपुर के गांव अमरैयाकलां में टीकाकरण को गई टीम ट्रेन पकड़ने के चलते अभियान अधूरा छोड़ चली गई। इसके कारण तमाम बच्चे बिना टीकाकरण कराए घर लौट गए।
जिले में टीकाकरण अभियान के पहले दिन स्कूल कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 103 टीमों द्वारा पंजीकृत बच्चों के अलावा एक से 15 वर्ष के बच्चों को टीकाकरण किया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सीएम चतुर्वेदी व डॉ. राजेश भट्ट ने टीमों के साथ केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अभियान की मॉनीटरिंग को सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है।
अमरैयाकलां। प्राथमिक विद्यालय में टीकाकरण को आई टीम ट्रेन पकड़ने के चलते बच्चों को बिना टीके लगाए ही निकल गई। ग्रामीणों ने बताया कि टीम करीब 11 बजे आई थी, जिसमें चार लोग थे। कुछ बच्चों को टीके लगाए, लेकिन ढाई बजते ही टीम बिना कुछ बताए चली गई। जबकि स्कूल में स्टाफ व बच्चे मौजूद रहे।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. श्रीओम चौहान ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें मिली है। हालांकि वैक्सीन भी कम पड़ गई थीं। प्रभारी चिकित्साधिकारी को कर्मचारियों के स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि दोबारा लापरवाही पाई गई तो वेतन काट लिया जाएगा।
पूरनपुर। दिमागी बुखार रोग से बचाव को मंगलवार से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। सीएचसी के एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम ने बताया कि अभियान में 25 टीमें लगाई गई है। प्रत्येक टीम में दो एएनएम, क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा और संबंधित स्कूल का टीचर होगा। प्रत्येक टीम को प्रतिदिन तीन सौ बच्चों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि सामान्य टीकाकरण वाले दिन बुधवार, शनिवार, अवकाश और पंद्रह अगस्त को छोड़ कर सभी दिन टीकाकरण होगा। अभियान 15 सितंबर तक लगेगा। सीएचसी क्षेत्र में दो लाख बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। उधर, पूरनपुर देहात के मोहल्ला इंदिरा नगर के पूर्व माध्यमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका सतिंद्रर कौर ने बताया कि टीम ने उनके स्कूल में पहुंचकर बच्चों को टीकाकरण किया। इस दौरान शिक्षिका जैनव बी और टीम सदस्य थे।