पूरनपुर (पीलीभीत)। पंजाब में वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हमले के आरोपी विक्रमजीत सिंह को यहां शरण देने वाले मोहनपुर के गुरुद्वारा के जत्थेदार जोगा सिंह को बहराइच पुलिस और एटीएस ने पकड़ लिया। करीब एक साल पहले यहां आकर रुके विक्रमजीत को बाद में जोगा सिंह ने नेपाल सीमा से पार कराने का भी ताना-बाना बुना था। बृहस्पतिवार को विक्रमजीत सिंह के बहराइच जिले में नेपाल सीमा पर पकड़े जाने के बाद रात को ही जोगा सिंह को पकड़ने के लिए पुलिस यहां पहुंची। जोगा सिंह को पकड़कर ले जाने की पुष्टि यहां के एसपी सुकीर्ति माधव ने की है।
बहराइच में भारत-नेपाल सीमा स्थित बाॅर्डर आउट पोस्ट (वीओपी) पर जांच के दौरान बृहस्पतिवार को एसएसबी और रूपईडीहा पुलिस ने विक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके साथ अमेरिकन महिला भी थी। पूछताछ में विक्रमजीत सिंह के पास नकली आधार कार्ड मिला, जबकि अमेरिकन महिला के पास अभिलेख ठीक मिलने पर उसे छोड़ दिया था। पूछताछ के बाद बहराइच पुलिस ने क्षेत्र के मोहनपुर गुरुद्वारा में छापा मारकर जत्थेदार जोगा सिंह को अपने साथ ले गई।
एसपी बहराइच विश्वजीत सिंह श्रीवास्तव ने मोबाइल फोन हुई वार्ता में बताया कि पकड़ा गया विक्रमजीत सिंह पंजाब के प्रतिबंधित संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ का सदस्य था। विक्रमजीत सिंह और उसके साथियों ने वर्ष 2023 में अजनाला थाने पर हमला और आगजनी कर अपने साथियों को छुड़ा लिया था। तब से गायब चल रहा था। जोगा सिंह भी इसमें वांछित था, मगर करीब एक साल से जमानत पर चल रहा था। उन्होंने बताया कि जोगा सिंह ने विक्रमजीत सिंह को करीब एक साल पहले पूरनपुर मेंं रोका था। यहां से उसने उसे कांठमांडू नेपाल भिजवा दिया था। संवाद