बीसलपुर। रेंजर ने ग्राम बड़ा गांव में पेड़ों के अवैध कटान होने से संबंधित एसडीएम की जांच रिपोर्ट को झुठला दिया है। इस मामले में रेंजर का कहना है कि एसडीएम गांव के नाम को लेकर भ्रमित है, जबकि एसडीएम का कहना है कि उन्होंने ग्राम बड़ा गांव मे ही कटान का स्थलीय निरीक्षण किया।
एसडीएम राकेश गुप्ता ने बताया कि उन्होंने शिकायत मिलने पर 19 जुलाई को ग्राम बड़ा गांव जाकर 18 जुलाई को आम और शीशम के तीन-तीन पेड़ अवैध रूप से काटे जाने की जांच की थी। जांच में शिकायत बिल्कुल सही पाई गई। जांच में यह भी पाया गया कि इस अवैध कटान में वन और पुलिस विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत है। एसडीएम ने उसी दिन डीएम को रिपोर्ट भेजकर इस मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कराने की संस्तुति की थी। इधर, रेंजर वजीर हसन ने बताया कि ग्राम बड़ा गांव में पेड़ों का कोई अवैध कटान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बड़ा गांव की सीमा से सटे गांव कामघाट में आम के पांच पेड़ अवैध रूप से काटे गए थे, जिसके संबंध में उसी दिन दियोरिया कोतवाली में दोषियों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। रेंजर ने बताया कि एसडीएम को गांव के नाम का भ्रम हो गया। इसी भ्रम के तहत वह समझे कि ग्राम बड़ा गांव में पेड़ों का कटान हुआ है। एसडीएम ने शुक्रवार को पुन: बताया कि ग्राम बड़ा गांव में हुए पेड़ों के अवैध कटान की उन्होंने स्थलीय जांच की थी।