पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) को आग से महफूज रखने के लिए फायर कंट्रोल प्लान तैयार किया गया। इससे वन क्षेत्र और इससे सटे इलाकों को सुरक्षा घेरे में लिया जाएगा। इसके तहत डीएम की अध्यक्षता में अग्नि सुरक्षा समिति का गठन किया गया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 73 हजार हेक्टेयर से अधिक है। गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इससे वन और वन्यजीवों की बड़े पैमाने पर क्षति होती है। वन क्षेत्र को आग से महफूज रखने के लिए पीटीआर प्रशासन ने कई इंतजाम किए हैं। सभी पांच रेंजों में फायर लाइन तैयार की जा रही है। कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए जा चुके हैं। 50 से अधिक फायर वॉचरों को निगरानी के लिए लगाया गया है।
इन दिनों आग लगने की घटनाओं में एकाएक इजाफा हुआ है। वन रेंजों में रात के समय वनकर्मी फायर लाइनों में आग लगा रहे हैं ताकि जंगल को आग से सुरक्षित रखा जा सके। इधर, खेतों पर गेहूं की फसल की कटाई चल रही है। फसलों में आग लगने की आशंका बनी रहती है। जंगल से सटे खेत संवेदनशील श्रेणी में माने गए हैं। आग से निपटने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में फायर कंट्रोल प्लान तैयार किया है। इसके तहत डीएम की अध्यक्षता में अग्नि सुरक्षा समिति का गठन किया गया। इस आठ सदस्यीय समिति में जिला अग्निशमन अधिकारी भी हैं। यह समिति जंगल और जंगल क्षेत्र से सटे इलाकों में आग लगने की घटनाओं पर कर्मियों को सक्रिय करेगी और एक रणनीति के तहत तत्काल आग पर काबू किया जाएगा।
आग से बचाव के लिए फायर कंट्रोल प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत डीएम की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय अग्नि सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा। वन क्षेत्र और उससे सटे इलाकों को आग से सुरक्षित रखा जाएगा। - नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व