अमरिया। ललौरीखेड़ा क्षेत्र में बाघिन को रेस्क्यू किए जाने को सप्ताह भर नहीं बीता है कि अब क्षेत्र में एक बाघ ने दस्तक दे दी, जिससे ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने मौका मुआयना कर बाघ के पगमार्क ट्रेस किए। साथ ही ग्रामीणों से सतर्कता रहने को कहा है।
ललौरीखेड़ा ब्लाक क्षेत्र में पिछले दो माह से एक बाघिन डेरा जमाए थी। 13 मार्च को चहलकदमी के दौरान बाघिन ग्राम हरचुइया के समीप गन्ने के खेत में शिकारियों के द्वारा लगाए गए जाल में फंस गई थी। इसका पता लगने पर वन विभाग की टीम ने जाल में फंसी बाघिन को बेहोश करने के बाद पिंजड़े में कैद कर लिया था। इसकेे बाद बाघिन को पीटीआर के जंगल में छोड़ दिया गया।
शुक्रवार को ग्रामीणों ने ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव शिवपुरिया के पास माइनर में बाघ के पैरों के निशान ग्रामीणों ने देखे तो दहशत फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना, तेजपाल, गौरव ने मौका मुआयना किया। डिप्टी रेंजर देवऋषि सक्सेना ने बताया कि बाघ के ताजा पगमार्क मिले हैं। ग्रामीणों से सतर्कता बरतने की अपील की गई है। ग्रामीणों को समूह में खेतों की ओर जाने की सलाह दी गई है।