पीलीभीत। बरसात में शहरवासियों को जलभराव से बचाने के लिए 10 नए नाला निर्माण का कार्य अब तक महज 40 फीसदी पूरा हो पाया है। ऐसे में बारिश शुरू होने से पहले सभी नालों का निर्माण पूरा करा पाना नगर पालिका के लिए बड़ी चुनौती है। पालिका ने कार्य पूरा कराने के लिए पूरी ताकत लगा दी है।
बीते कई सालों से शहरवासी बरसात में होने वाले जलभराव से परेशान होते आए हैं। शहर की स्थिति यह है कि महज कुछ घंटों की बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। शहरवासियों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए इस समय नौ करोड़ रुपये की लागत से 10 नए नालों का निर्माण कराया जा रहा है।
बावजूद इसके करीब दो महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी अब तक सिर्फ 40 फीसदी ही काम पूरा हो पाया है। बारिश सिर पर है, ऐसे में निर्माण पूरा कराना पालिका के लिए चुनौती बन गया है।
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तली झाड़ सफाई में बाधा बन रहा नए नालों का निर्माण
एक सप्ताह पूर्व नगर पालिका की ओर से शहर में नालों की तली झाड़ सफाई के लिए टेंडर निकाला गया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जगह-जगह नालों की तली झाड़ सफाई का काम शुरू हो गया है लेकिन नालों की सफाई में नए नालों का निर्माण बाधा बन गया है। नए नालों के निर्माण के चलते मोहल्ला सुनगढ़ी, मोहल्ला फीलखाना आदि इलाकों के कई हिस्सों में नाले का गंदा पानी भर जाने से मोहल्लेवासी परेशान हैं। नाला निर्माण के चलते सड़कों पर जगह-जगह लगे मिट़टी के ढेर आम राहगीरों के लिए दिक्कत बन रहे हैं। हवा के साथ उड़ने वाली धूल लोगों की आंखों में जा रही है।
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48 नालों से शहर को जलभराव से बचाने का दावा
शहर में अब तक छोटे-बड़े मिलाकर कुल 38 नाले थे। नगर पालिका की ओर से नौ करोड़ की लागत से 10 नए नालों का निर्माण का कार्य प्रगति पर है। बरसात से पहले अगर इन नए नालों का निर्माण पूरा हो जाता है तो शहर में नालों की संख्या 48 हो जाएगी। ऐेसे में नगर पालिका बरसात के दिनों में इन 48 नालों से शहर को जलभराव से मुक्त करने का दावा कर रही है।
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इन जगहों पर हो रहा नाला निर्माण
गौहनिया चौराहा से नौगवां चौराहा होते हुए डिग्री काॅलेज चौराहा तक, डिग्री काॅलेज से नौगवां चौराहा होते हुए गंदा नाला पुलिया तक, एसएसबी कार्यालय से मुख्य नाले तक, बनवारी लाल गुप्ता के घर से नई बस्ती चौराहा तक। साईं धाम काॅलोनी से बाढ खंड कार्यालय तक, अयोध्यापुरम से टनकपुर रोड तक, नेहरू पार्क से जलनिगम कार्यालय तक, नकटादाना पेट्रोल पंप से आवास विकास कॉलोनी तक, ज्वाला देवी मंदिर से आवास विकास होते हुए वाले मियां की मजार की ओर से लगभग 3.80 किलोमीटर तक।
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15 जून से बारिश शुरू होने की संभावना है। इससे पहले सभी नालों का निर्माण पूरा करा लिया जाएगा। साथ ही पुराने नालों की तली झाड़ सफाई भी पूरी हो जाएगी। पूरी कोशिश है कि इस बार जलभराव की समस्या न हो।
- लालचंद भारती, अधिशासी अधिकारी
शहर के यशवंतरी मंदिर मार्ग पर निर्माणाधीन नाला । संवाद