भाकियू की जिला स्तरीय मासिक पंचायत की बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो ने कहा कि चैनी धान की रोपाई न करें। यह फसल घाटे का सौदा है।
मंडी स्थित कृषक भवन में बैठक को संबोधित करते जिलाध्यक्ष ने कहा कि चैनी धान लगाने से बार-बार पानी लगाना पड़ता है, जिससे भूगर्भ का जलस्तर काफी नीचे गिर जाता है। चैनी धान की बिक्री भी औने पौने दामों में होती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने किसानों से चैनी धान की रोपाई न करने की अपील की है। मंडल उपाध्यक्ष वेदप्रकाश ने कहा कि किसानों की गेहूं की फसल तैयार हो चुकी है। एक अप्रैल से सरकारी क्रय केंद्र खोले जाएं। किसानों के गेहूं तौल के लिए बारदाना, भुगतान और बिचौलिया मुक्त खरीद कराई जाए। उन्होंने पूरी पारदर्शिता के साथ गेहूं खरीद की मांग की। मंडल संगठन मंत्री भजन लाल क्रोधी ने कहा कि गन्ना पेराई सत्र समाप्त हो चुका है, लेकिन शासन व प्रशासन की उदासीनता के चलते किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान समय से नही मिल पा रहा है। उन्होंने शासन प्रशासन से जल्द ही भुगतान कराने की मांग की है। बैठक में बिलसंडा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजपूत, गुरुमीत सिंह, धर्मपाल वर्मा, रजनीश कटियार, अनिल कुमार मिश्रा, श्री कृष्ण राजपूत, बेलामती, चंद्रकली आदि लोग मौजूद रहे।