पीलीभीत। दो साल पहले अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन बीएसए ने पांच शिक्षकों को निलंबित किया था। चार शिक्षक बहाल हो गए थे। मगर, एक शिक्षक निलंबित होने के बाद गायब हो गया। दो साल बाद वह उस समय के बीएसए का बहाली आदेश लेकर वर्तमान बीएसए के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने उस आदेश को निरस्त कर मामले की जांच बीसलपुर खंड शिक्षाधिकारी को सौंप दी।
प्राथमिक विद्यालय पिपरा मुजाफता में कार्यरत सहायक अध्यापक प्रियांशु गंगवार वर्ष 2018 में अनियमितताओं के चलते निलंबित कर दिए गए थे। निलंबित होने के बाद वह गायब हो गए। 20 दिसबंर 2018 को बीएसए डॉ. इंद्रजीत सिंह प्रजापति का तबादला हो गया। उसी दिन तत्कालीन बीएसए ने पहले से निलंबित पांच शिक्षकों को बहाल कर दिया था। इनमें चार शिक्षकों का बहाली का आदेश बाद में निरस्त कर दिया गया। बाद में उनकी फिर से जांच हुई। तब शासन के आदेश पर चारों बहाल किए। मगर, प्रियांशु गंगवार निलंबन के बाद गायब हो गए। शनिवार को वह तत्कालीन बीएसए का बहाली का आदेश लेकर वर्तमान बीएसए देवेंद्र स्वरूप के दफ्तर पहुंच गए। बीएसए ने उनकी बहाली का पुराना आदेश निरस्त करते हुए निलंबन की जांच खंड शिक्षा अधिकारी ओपी विश्वकर्मा को सौंप दी।
पहले से निलंबित चल रहे शिक्षक की बहाली का आदेश निरस्त कर दिया गया है। मामले की जांच करने के बाद ही इस बारे में शिक्षक की बहाली पर निर्णय लिया जाएगा। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए