कहने को तो कोतवाली गेट के समीप, स्टेशन पुलिस चौकी के सामने नोएंट्री के बोर्ड लगाए गए हैं। लेकिन भारी वाहनों के प्रवेश पर दिन में रोक नहीं लग पा रही है। इसके अलावा दुकानों के बाहर सामान रखने की होड़, सड़क किनारे लगाए गए खोमचे, ठेलों, बाइक, कारों आदि के खड़ा करने पर लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा है। इसके विरोध में वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। ज्ञापन में अतिक्रमण हटवाकर सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है।
ज्ञापन में गौरव पांडेय, वेद प्रकाश पांडेय, गिरीश चंद्र सक्सेना, जेके त्रिपाठी, तेजबहादुर शर्मा, अमित पांडेय, नरेंद्र सिंह महल, मुरारी श्रीवास्तव, रामवचन राय आदि के हस्ताक्षर थे।
यहां खड़ी बाइकों से लगता है जाम
तहसील, अस्पताल, कोतवाली के बाहर, माधोटांडा रेलवे फाटक के समीप बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा के बाहर, स्टेशन रोड पर स्टैट बैंक शाखा के बाहर, स्टेशन चौराहा पर एक प्राइवेट बैंक के बाहर खड़ी होने वाली बाइकों से अक्सर जाम की स्थिति बनती है। वकील सर्वेश गुप्ता, हरीओम कुशवाहा, मुकेश श्रीवास्तव, अनुराग पांडेय, प्रभात सक्सेना ने एसडीएम को भेजे पत्र में तहसील परिसर के बाहर खड़ी होने वाली बाइकों से निजात दिलवाने की मांग की है। पत्र में गलत तरीके से खड़े होने वाले वाहनों का चालान कराने की मांग की गई है।