टाइगर रिजर्व में
कुछ माह पहले मारे गए बाघ और उसके बाद पकड़े गए शिकारियों की जांच को चीफ
कंजरवेटर इंटेलीजेंस डॉ. प्रशांत वर्मा शुक्रवार को पीलीभीत पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से प्रकरण की जानकारी ली और टाइगर रिजर्व का दौरा भी
किया।
लखनऊ से आए मुख्य वनसंरक्षक सतर्कता डॉ. प्रमांशु वर्मा शुक्रवार
को बराही गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां वन संरक्षक वीके चौपड़ा, डीएफओ कैलाश
प्रकाश ने उनकी अगवानी की। गेस्ट हाउस में उन्होंने दुलाल और उसके साथियों
की ओर से बराही रेंज में कुछ माह पहले की गई बाघ की हत्या और इसमें हुई
गिरफ्तारियों के बारे में जानकारी ली।
उन्हें बताया कि इस मामले में एक
महिला सहित 15 शिकारी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं, जबकि कुछ अभी भी फरार
हैं। बाघ हत्या की जांच के बाद उन्होंने टाइगर रिजर्व की गतिविधियों के
बारे में पूछताछ की। शाम को वह बराही गेस्ट हाउस से जंगल मार्ग होते हुए
चूका स्पॉट पहुंचे और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाया।
इसके बाद
वह मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पहुंचे। रात रुकने के बाद वह शनिवार को महोफ व
माला रेंज का भ्रमण भी करेंगे।
बाघ के हत्यारोपियों को पकड़ने वाली टीम पुरस्कृत
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व में बाघ की हत्या के खुलासे के बाद एसटीएफ के सहयोग से 15 शिकारियों को पकड़ने वाली वन विभाग की टीम को पुरस्कृत किया गया है।
करीब तीन माह पूर्व गभिया के दुलाल मंडल को नेपाल पुलिस ने बाघ की खाल सहित पकड़ा था। उसके बाद वन विभाग ने एसटीएफ के सहयोग से बाघ हत्या का खुलासा कर 15 शिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। वन विभाग की इस कार्रवाई पर वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो नई दिल्ली के डायरेक्टर निशांत वर्मा ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
ब्यूरो की ओर से सभी को प्रशस्ति पत्र और वन क्षेत्राधिकारियों को एक-एक हजार और अन्य वनकर्मियों को 500-500 रुपये का नकद पुरस्कार भेजा गया। शुक्रवार को वन संरक्षक वीके चौपड़ा ने टाइगर रिजर्व कार्यालय पहुंचकर टीम में शामिल वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह, डीके सिंह, मोहम्मद शनियाज और वनकर्मी वेदराम, साजिद हुसैन, रामचंद्रलाल, रमेश चंद्र भट्ट, मशरूर अब्बास, रघुवीर सिंह व हरीश कुमार सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया।