पीलीभीत। चाइनीज मांझा शहर और जिले के कई लोगों को लहूलुहान कर चुका है। मई 2023 में असम चौकी प्रभारी रहे कमलेश यादव की ठोड़ी कट गई थी। करीब तीन माह तक सर्जरी के साथ अन्य उपचार कराने के बाद घाव सही हो सका था। करीब 12 दिन पहले भी बाइक सवार युवक की चाइनीज मांझे से नाक कट कई थी। इन घटनाओं के बाद भी जिले में चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक नहीं लग सकी है। शनिवार को शाहजहांपुर में आरक्षी की चाइनीज मांझे से कटकर हुई मौत के बाद जिले में इसकी बिक्री पर सवाल उठने लगे हैं।
शहर के मोहल्ला बेनीचौधरी निवासी राजकरन फरवरी 2023 में स्कूटी से शहर में जा रहे थे। अचानक गले में चाइनीज मांझा फंसने से गर्दन पर जख्म हो गया। परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। गर्दन में चार टांके लगे। कई दिन तक उपचार चला था। मामले की शिकायत भी हुई।
मांझा फंसने से कट गई युवक की नाक
वर्ष 2023 में ही रुपपुर कमालू के एक अधिवक्ता भी ओवरब्रिज क्षेत्र में चाइनीज मांझे से जख्मी हो गए थे। 29 दिसंबर को रूपपुर गांव निवासी रामस्वरूप भी नौगवां ओवरब्रिज क्षेत्र में इसकी चपेट में आ गए थे। इससे उनकी नाक कट गई थी। उपचार के बाद पीड़ित ने सिटी मजिस्ट्रेट को शिकायती पत्र दिया। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने बताया कि चाइनीज मांझे की रोकथाम को लेकर अभियान चलाकर चेकिंग कराई जाएगी।
बंद पड़ा ग्राम रामबोझा का आरोग्य मंदिर।संवाद