पीलीभीत/अमरिया। शासन से आई सिंचाई एवं जल संसाधन सचिव अपर्णा यू ने इंजीनियरों की बताई साइड पर न जाकर नए इलाके अमरिया और बरखेड़ा में बाढ़ नियंत्रण के काम देखकर इंजीनियरों को चौंका दिया। इंजीनियर मन मुताबिक निरीक्षण न होने से चौंक गए। हालांकि किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। जल संसाधन सचिव ने बाढ़ से होने वाले कटान को रोकने के लिए बनाए जा रहे स्परों को जल्दी पूरा कराने के निर्देश दिए।
सिंचाई एवं जल संसाधन सचिव अपूर्णा यू के आने पर बाढ़ खंड ने रमनगरा और राहुलनगर ले जाने की योजना बनाई थी। वहीं तेजी से काम कराने में जुटे थे। बाढ़ खंड के इंजीनियर यह मान रहे थे कि सचिव लखीमपुर से आने के बाद ज्यादा दूर न जाकर पास के इलाके के काम ही देख लेंगी। मगर, वह शनिवार दोपहर रमनगरा और राहुलनगर न जाकर अमरिया के बाढ़ प्रभावित गांव जगत पहुंच गई। उन्होंने देवहा नदी के किनारे बाढ़ नियंत्रण कामों का बारीकी से निरीक्षण किया। नदी में रेत भरे बोरों से बनाए जा रहे स्परों को बरसात शुरू होने से पहले पूरा कराने के निर्देश दिए।
बाढ़ खंड जेई राम मोहन चौबे ने उन्हें बताया कि 2.59 करोड़ की लागत से 704 मीटर के दायरे में 19 स्परों का निर्माण होना है। वह 28 मीटर की दूरी पर बनाए जा रहे हैं। यह कार्य दो मई से शुरू किया गया। अब तक आधे से अधिक कार्य हो चुका है। जून में ही काम पूरा कराने का प्रयास है। ठेकेदार को पांच माह का समय दिया गया है। इसके बाद सचिव बरखेड़ा क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांव सिमरिया पहुंचीं। यहां उन्होंने ने एक्सईएन को बरसात से पहले बाढ़ नियंत्रण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता सिंचाई प्रवीण कुमार, एसी संतोष कुमार पांडे, एक्सईएन शैलेश सिंह, एसडीओ डीएस खोलिया, डीएन शुक्ला, जेई राम मोहन चौबे, पीडी मौर्या आदि अधिकारी मौजूद रहे।