राज्यमंत्री बृहस्पतिवार करीब 11.30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे। पुरुष अस्पताल में एक्सरे रुम का निरीक्षण करने के बाद जनरल वार्ड में जाकर मरीजों से दवा, खाना, साफ-सफाई के बाबत जानकारी की। इसके बाद उन्होंने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां एक महिला मरीज को बाहर से दवा लिखने की जानकारी पर राज्यमंत्री बिफर पड़े। सीएमएस डॉ. पुष्पलता ने जानकारी न होेने की बात कही। महिला मरीज को धमकाने पर मंत्री ने सीएमएस को जमकर लताड़ा। उपस्थिति व ड्यूटी रजिस्टर मंगाकर बारीकी से परखा। राज्यमंत्री ने तहसीलदार को महिला मरीज और सीएमएस के बयान दर्ज कर एसडीएम के माध्यम से रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। सीएसएम डॉ. आरसी शर्मा ने सीआर्म मशीन न होेने की बात कहीं। जिस पर उन्होंने प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के चेहरों पर हवाई उड़ती रहीं। इधर पूरे निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने सीधे तौर पर किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस मौके पर बरखेड़ा विधायक हेमराज वर्मा, जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, सीएमओ डॉ. एके सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. ओम चौहान, डॉ. पीके मिश्रा, प्रशांत शर्मा, मेंहदीरजा आदि मौजूद रहे।
मरीज की परीक्षा में पास हुए मंत्रीजी
पुरुष अस्पताल में भर्ती एक मरीज से राज्यमंत्री ने सुविधाओं के बाबत पूछताछ की। मंत्री ने मरीज से 10 अंक में से नंबर देने को कहा। जिस पर मरीज रामासरे ने मंत्री को नौ नंबर दिए। जिस पर मंत्री जी गद्गद् हो उठे।
राहुल के मुरझाए चेहरे पर लौटी रौनक
सड़क हादसे के बाद जिला अस्पताल में भर्ती मीरपुर ग्रंट के राहुल के परिवार वालों को राज्यमंत्री ने लखनऊ आकर इलाज कराने को कहा। मंत्री द्वारा मोबाइल नंबर देने पर राहुल का मुरझाया चेहरा खिल उठा।
धूपबत्ती से महकता रहा अस्पताल
आम दिनों में गंदगी व बदबू से मरीज को तिमारदारों को परेशान करने वाले इस जिला अस्पताल में राज्यमंत्री को कहीं बदबू न महसूस हो, इसके लिए कई स्थानों पर धूपबत्तियां लगाई गईं। अस्पताल प्रशासन का यह कारनामा खासा चर्चा में रहा।
मंत्री से ज्यादा निरीक्षण करते नजर आए सपाई
निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री के साथ सपा का पूरा अमला उनके साथ हर कदम पर मौजूद रहा। मंत्री से ज्यादा सपाई पूछताछ करते दिखे। इसको लेकर हौचपौच की स्थिति बनी रही।