बता दें कि नवंबर में बीसलपुर के गांव मीरपुर वाहनपुर निवासी सपा नेता इरशाद ने डीआईजी बरेली आरके सिंह राठौर से को शिकायती पत्र देकर क्षेत्र के 15 लोगों के फर्जी नाम-पते से बरेली में शस्त्र लाइसेंस बनवाने की शिकायत की थी। डीआईजी ने मामले की जांच एएसपी सुधीर कुमार सिंह को देखते हुए हफ्ते भर में रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन एक माह बीतने के बाद जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इससे अब जांच में लीपापोती करने के कयास लगाए जा रहे हैं। एएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें एक पक्ष की जांच पूरी कर ली है। दूसरे पक्ष के कुछ रिकार्ड बरेली से आने थे, जिनमें कुछ के तो आ गए हैं, लेकिन कुछ रिकार्ड अभी उन्हें प्राप्त नहीं हुए। इससे जांच पूरी करने में देरी हो रही है।
यह हैं फर्जी पता जारी करने के आरोपी
बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव मीरपुर वाहनपुर निवासी इरशाद खां पुत्र सरदार खां, आबिद पुत्र करमतुल्ला, सद्दीक अहमद पुत्र नवी अहमद, सद्दीक अहमद पुत्र लियाकत, शाबिर हुसैन पुत्र दिलावर बक्श गांव महादेवा निवासी बुंदाबक्श पुत्र कुतबु खां, परवेज पुत्र मोहम्मद अहमद गांव अभयपुर चैनीजप्ती निवासी रहीशुद्दीन पुत्र इस्माइल, जलालुद्दीन पुत्र इस्माइल, अताउल्ला खां पुत्र हवलदार खां, मिस्यार खां पुत्र सूबेदार खां, मुन्ने खां पुत्र बैदुल्ला खां, मुंशी खां पुत्र मुमताज खां, नवीशेर खां पुत्र मकबूल और रसियाखानपुर निवासी मंसूर हुसैन पुत्र अजीज।