नदी किनारे खेत में घायल अवस्था में मिले एक राज्यपक्षी सारस को दो युवकों ने पशु चिकित्सालय पहुंचाया। यहां उसका प्राथमिक उपचार करने के बाद उसे बरेली आईवीआरआई रेफर कर दिया गया।
शहर से सटे गांव नावकुड निवासी रूप किशोर और पंकज दिवाकर सुबह अपने खेत पर गए थे। यहां उन्हें नदी के किनारे एक सारस घायल अवस्था में पड़ा मिला, जिसके एक पैर में धड़ के पास काफी गहरा घाव था। दोनों उसे लेकर बाइक से जिलाधिकारी के कैंप कार्यालय पहुंचे। जानकारी होने सीवीओ डॉ. राजीव कुमार गुप्ता डीएम के कैंप कार्यालय पहुंचे और घायल सारस को पशु चिकित्सालय लाए। यहां पशु चिकित्साधिकारी डॉ. औतार सिंह फुम्मन ने उसका परीक्षण किया। सारस की हालत गंभीर होने पर उन्होंने सामाजिक वानिकी को सूचना दी और प्राथमिक उपचार कर बरेली आईवीआरआई रेफर कर दिया। सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर दीनानाथ टीम के साथ पशु चिकित्सालय पहुंचे और घायल सारस को लेकर बरेली रवाना हो गए। यहां बता दें कि सारस एक राज्यपक्षी है और यूपी में मिलने वाले पक्षियों में सबसे बड़ा है। इसकी प्रति वर्ष गणना भी कराई जाती है।