माधोटांडा। सीमा विवाद पर भले ही भारत के पड़ोसी देश नेपाल के बीच इन दिनों कुछ मतभेद हों, मगर पिलर संख्या 17 से लेकर 22 तक नेपाल क्षेत्र के गांवों में बसे नेपाली नागरिक भारतीय सीमा पर प्रवेश में छूट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। नेपाली नागरिक बरसों से रोजाना अपने देश की सीमा को पार कर भारत में बिना किसी रोकटोक के रोजमर्रा का सामान खरीदते आए हैं। भारत और नेपाल सीमा के दर्जनों गांवों में परस्पर संपर्क इतना गहरा है कि लोग उनकी दोस्ती की मिसाल देते हैं।
पीलीभीत सीमा के अंतर्गत नेपाल सीमा की शुरुआत पिलर नंबर 17 से होती है। इस इलाके में भारतीय क्षेत्र की ग्राम पंचायत बंदरभोज का गांव सुंदरनगर बसा है। इसके आगे भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 22 तक भारतीय गांव नौजल्हा नंबर एक और दो भी बसे हैं। उधर नोमैंस लैंड और इससे सटे नेपाल के बाबाथान के वार्ड हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले नेपाली नागरिकों के लिए रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए नेपाल के बाजार जाने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में इन इलाकों के नेपाली नागरिक बरसों से भारतीय क्षेत्र में आकर ही सामान खरीदते हैं। भारतीय क्षेत्र के सीमावर्ती गांव के लोग घरेलू सामान की फेरी लगाने नेपाल जाते हैं, वहीं नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में बसे गांवों के लोग भारतीय क्षेत्र के गांव नौजल्हा नंबर एक और दो के अलावा गभिया सहराई गांव तक आकर रोजमर्रा का सामान खरीदते आ रहे हैं। यहां सीमा की सुरक्षा के लिए एसएसबी के नौजल्हा चेक पोस्ट पर तैनात जवान मुस्तैद रहते हैं। वह खुली सीमा का फायदा उठाने वालों पर पैनी नजर रखते हैं।
इधर, सीमा विवाद को लेकर पिछले दिनों भारत और नेपाल के बीच कुछ मतभेद हुए। नेपाल ने कुछ भारतीय इलाकों को अपने नक्शे में शामिल कर लिया। इसके चलते भारत के गृह मंत्रालय की ओर से नेपाल सीमा से भारतीय सीमा में प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। एसएसबी के अलावा पुलिस के भी पिकेट प्वाइंट यहां स्थापित कर दिए गए। इसके चलते भारतीय क्षेत्र के गांवों में आकर रोजमर्रा का सामान खरीदने वाले नेपाली नागरिक मायूस हैं। अब उन्हें न केवल नेपाल के बाजार जाने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, बल्कि रोजमर्रा का सामान भी भारत की तुलना में महंगा खरीदना पड़ता है।
नेपाल ने बनवा दिए दो झूला पुल
नोमैंस लैंड और उससे सटे बाबा थान की सीमा के वार्ड में रहने वाले नेपाल के नागरिकों को घरेलू सामान खरीदने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके चलते नेपाली नागरिक अपने क्षेत्र में न जाकर नजदीक पड़ने वाले भारतीय क्षेत्र में ही सामान खरीदने आ जाते हैं। आवागमन का कोई स्थायी रास्ता न होने के चलते नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों की सुविधा के लिए कई साल पहले भारतीय क्षेत्र के सुंदरनगर और नौजल्हा के पास नेपाल क्षेत्र में दो झूला पुल बनवाए थे। इससे दोनों देशों के नागरिकों को एक दूसरे देश के आवागमन में सुविधा हो गई।
भारतीय दुकानदारों से रखते हैं दोस्ताना व्यवहार
भारतीय क्षेत्र में आकर रोजमर्रा का सामान खरीदने वाले नेपाली नागरिकों से भारतीय क्षेत्र के दुकानदार दोस्ताना व्यवहार करते हैं। दुकानदार सुशांत दुष्यंत का कहना है कि पिछले कई साल से नेपाल के नागरिक हमारे यहां कर सामान खरीदते थे। हम सब उनसे पारिवारिक सदस्य की तरह व्यवहार रखते हैं। कभी नकद तो कभी उधार देकर लेनदेन चलता था। मगर, इन दिनों मतभेद के चलते सब बंद है।