- चिकित्सकों के यहां बढ़ने लगी उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या
- थोड़ी सी भी लापरवाही बन सकती है घातक
भीषण गर्मी का प्रकोप शुरू होते ही फूड प्वाइजनिंग का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती है।
आजकल कहर बनकर दिन भर चलते लू के थपेड़ों से जनजीवन अस्त व्यस्त है। तेज धूप में एक स्वस्थ व्यक्ति के प्रभावित होने की संभावनाएं बढ़ने लगी हैं। यही कारण है कि चिकित्सकों के यहां उल्टी, दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
भीषण गर्मी के चलते शहर में गन्ना, बेल के जूस की दुकानें जगह, जगह लगी हुई हैं, जिन पर दिन भर भीड़ लगी रहती है। इसके अलावा दूषित पानी, विषाक्त पदार्थ, बिना ढके खाद्य पदार्थों के सेवन से संक्रामक रोगों और फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
फूड प्वाइजनिंग के लक्षण
- तेजाब मिश्रित उल्टियां, पानी तक न रुकना।
- पतले दस्त आना।
- पेट के ऊपरी भाग में असहनीय पीड़ा होना।
- तेज बुखार आना।
- पेशाब का कम मात्रा में आना।
- अत्यधिक बेचैनी होना।
- धीरे-धीरे मूर्छा की ओर बढ़ना।
क्या बरते सावधानियां
- भोजन बनाने के स्थान पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखे।
- साफ पानी का सेवन करें।
- ताजा भोजन प्रयोग करें।
- कटे गले फलों का प्रयोग से बचाव करें।
- खुले ठेलों पर बिक्री होने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- रात में भोजन के बाद तुरंत न सोएं।
- तीखे और मसालेदार भोजन न करें।
लू लगने के लक्षण..
धधकतीं दोपहरी में अक्सर लू लगने का डर बना रहता है। इसके लक्षण पानी की कमी, उल्टी, दस्त, बुखार आना, कमजोरी व बेचैनी।
बचाव...
लू लगने पर तुरंत ओआरएस लें, धूप में कम निकलें, अधिक पानी पीयें, पानी फिल्टर का ही लें, ताजी सब्जी और फल खाएं, मुंह पर मास्क पहने, सिर को कपड़े से ढकें, नीबू पानी आदि लें।
इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिसमें उल्टी, दस्त, वायरल फीवर आदि के मरीज आ रहे हैं। मरीजों को दवा देने के साथ ही ओआरएस का घोल पीने के साथ अन्य सावधानियां बरते की सलाह दी जाती है।
- डॉ. सीबी चौरसिया, फिजीशियन, जिला अस्पताल