फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां-बेटी समेत 19 बने महादानी

Sun, 02 Oct 2016 12:04 AM IST
पीलीभीत, ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला फाउंडेशन व स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त तत्वावधान में जिला अस्पताल के राजकीय रक्तकोष में आयोजित विश्व स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर मां-बेटी समेत 19 लोगों ने रक्तदान कर महादानी बनने का गौरव प्राप्त किया। शिविर का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद ने फीता काटकर किया। इस तरह के आयोजनों के लिए उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन के प्रयास की सराहना की तथा स्वास्थ्य विभाग से और बेहतर तैयारियों के साथ ऐसे आयोजनों में जुटने का आह्वान किया। शिविर में सबसे पहले रक्तदान करने वाले अधिवक्ता मेंहदी रजा समेत कुछ अन्य रक्तदाताओं को कैबिनेट मंत्री ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। शिविर में महामातेश्वरी मंदिर परिवार के लोगों ने भी बढ़चढ़ कर भाग लिया।
विज्ञापन

शनिवार को शिविर में पहुंचे मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद का महामातेश्वरी मंदिर की प्रबंधक आनंदी जोशी व अमर उजाला परिवार ने बुके भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि रक्तदान करना एक अच्छी पहल है। एक रक्तदान से चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला फाउंडेशन यह कार्य पूरे देश में पूरी ईमानदारी के साथ कर रहा है। इसकी जितनी सराहना की जाए कम है।
सीएसओ ओमप्रकाश सिंह, सीएमएस आरसी शर्मा ने बताया कि रक्तदान से किसी तरह की कोई हानि नहीं होती, बल्कि इससे विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं। जिले में सबसे अधिक रक्तदान करने का गौरव प्राप्त करने वाले प्रदीप दुलवानी ने लोगों को बताया कि वह अब तक 67 बार रक्तदान कर चुके हैं। इस मौके पर रक्तकोष प्रभारी डॉ. महावीर, अधिशासी अभियंता विद्युत रणजीत चौधरी, लोकतंत्र सेनानी अब्दुल बली खां, व्यापारी नेता अनिल महेंद्रू, खेल शिक्षिका अनीता जोशी, संध्या सक्सेना, प्रदीप ढुलवानी आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन

पीएसओ कमरान भी हुए सम्मानित
रक्तदान शिविर में कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद के पीएसओ कमरान अली को पूर्व में किए गए रक्तदान के लिए कैबिनेट मंत्री ने प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

शिविर में पहुंचे जरूरतमंदों को मिला रक्त
शिविर में पहुंची मोहल्ला नौगवां पकड़िया निवासी मजदूर अब्दुल रहीम की 19 वर्षीय बेटी रजिया को रक्त की जरूरत थी। रक्तदान करने पहुंची प्रियंका दुलवानी ने अपना रक्त उसे देने को स्वास्थ्य विभाग से कहा। अंजनेय फाउंडेशन के सचिव राजीव जौहरी ने अपना ब्लड एक जरूरतमंद मुस्लिम महिला को दिलवा दिया। यह महिला ने बताया था कि उसके वृद्ध पिता जिला अस्पताल में रक्त अभाव में जिंदगी मौत से जूझ रहे हैं। दोनों महिलाओं ने अमर उजाला परिवार का शुक्रिया किया।
महादानी बोले शुक्रिया अमर उजाला
अमर उजाला फाउंडेशन व स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को लगे रक्तदान शिविर में महादानियों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। रक्तदानियों से बात की गई तो बोले किसी की जान बचाना सबसे बड़ी समाज सेवा है। शुक्रिया अमर उजाला जिसके कारण ऐसा मौका मिला।

सछास जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता मेंहदी रजा ने कहा कि शिविर में पहुंच कर अपने जीवन में पहली बार रक्तदान किया है। अमर उजाला से उन्हें इसकी प्रेरणा मिली।

निरंजनकुज कॉलानी निवासी 19 वर्षीय दिव्यांशु जोशी ने कहा कि पहली बार रक्तदान करने पर डर लग रहा था, रक्तदान के बाद लगा यह कार्य पुनीत है आगे भी रक्तदान करते रहेंगे।

रंगीलाल चौराहा निवासी 18 वर्षीया छात्रा अंकिता ढुलवानी ने बताया कि मां प्रियंका दुलवानी रक्तदान करने जा रहीं थीं, इस लिए वह भी तैयार हो गई। हालांकि मां ने पहले उसे अगली बार चलने की बात कह रोका, लेकिन मेरी इच्छा को देख वह मना नहीं कर सकीं।


अंजनेय फाउंडेशन के सचिव राजीव जौहरी ने कहा कि अमर उजाला की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर से ही उन्हें रक्तदान की प्रेरणा मिली। दूसरी बार रक्तदान किया है। रक्तदान करने से काफी अच्छा लगता है और दूसरों की जान भी बचती है।

मझोला निवासी मंगल सिंह ने बताया कि चार बार पहले जरूरतमंदों को रक्तदान कर चुके हैं। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पढ़कर लगा कि रक्तदान करना चाहिए।


नैनीताल जिले के कस्बा हल्द्वानी निवासी मनीष पंत ने बताया कि बताया कि सुबह अखबार में प्रकाशित खबर को देख कर मन किया कि नवरात्र के अवसर पर एक पुनीत कार्य किया जाना चाहिए। शुक्रिया अमर उजाला जो मौका दिया। 

अभिषेक ने बताया कि शिविर में दूसरी बार रक्तदान किया है। दूसरों की जान बचाना सबसे बड़ी समाज सेवा है। इसी लिए रक्तदान करने का निर्णय लिया है। आगे भी रक्तदान करते रहेंगे।


मोहल्ला तखान निवासी डॉ. पावन कटियार ने अपने पिता डॉ. नीलेश कटियार के साथ रक्तदान किया। उन्होंने बताया कि अब तक 11 बार रक्तदान कर चुके हैं। पहली बार 18 वर्ष की उम्र में 2007 में छोटे भाई को पहली बार रक्त दिया था। तब से रक्तदान करते चले आ रहे हैं।

पिछले कई सालों से अमर उजाला इस तरह के रक्तदान शिविर आयोजित करता आ रहा है। पूरे सूबे में अमर उजाला के इस प्रयास से लोगों में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ी है। मैं स्वयं पूर्व में रक्तदाता रह चुका हूं। करीब 12 बार रक्तदान किया है। बेशक इससे पुनीत कार्य और कुछ नहीं हो सकता। अमर उजाला ने रक्तदान जागरूकता के लिए जो अलख जगाई है उसके लिए अमर उजाला बधाई का पात्र है।
विज्ञापन

रियाज अहमद, कैनिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें