वोट जनता से चाहिए, प्रचार की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं को सौंप रखी है लेकिन चुनाव संचालन का भरोसा परिवार के लोगों या रिश्तेदारों पर ही है। जिले की चारों सीटों पर ज्यादातर उम्मीदवारों की सोच इस मामले में एक ही जैसी है। पैसे के लेनदेन के मामले हों या प्रचार के लिए कार्यकर्ताओं की टीमों के मूवमेंट के मसले, किसी वरिष्ठ और अनुभवी कार्यकर्ता पर भरोसा दिखाने के बजाय उन्होंने यह जिम्मेदारी अपनों को ही सौंपना बेहतर समझा है। पीलीभीत शहर सीट पर सपा प्रत्याशी हाजी रियाज अहमद के आसाम रोड स्थित चुनाव कार्यालय की सारी जिम्मेदारी उनके दामाद मोहम्मद आरिफ के हाथों हैं। इसी तरह भाजपा प्रत्याशी संजय गंगवार के छतरी चौराहा के नजदीक स्थित चुनाव कार्यालय की बागडोर उनके छोटे भाई अजय गंगवार संभाल रखी है। इसी तरह बसपा प्रत्याशी अरशद ने नकटदाना के पास आवास विकास कॉलोनी में स्थित चुनाव कार्यालय की सारी जिम्मेदारियां अपने भतीजे अनु खान को सौंप रखी हैं। बरखेड़ा विधानसभा के ज्यादातर प्रत्याशियों के भी चुनाव कार्यालय शहर में ही हैं। सपा के हेमराज वर्मा का चुनाव कार्यालय माधोटांडा रोड पर एक बारात घर में है जहां सारी व्यवस्थाएं उनके मित्र और सपा उपाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा कट्टर के हाथों में हैं। बसपा प्रत्याशी डॉ. शैलेंद्र गंगवार के आसाम रोड स्थित चुनाव कार्यालय का संचालन उनके बड़े भाई हरिओम गंगवार कर रहे हैं। भाजपा प्रत्याशी किशनलाल राजपूत के आसाम रोड पर स्थित चुनाव कार्यालय की कमान उनके बेटे नमन राजपूत के हाथ में है। पूरनपुर में भी सपा प्रत्याशी पीतमराम के चुनाव की सारी जिम्मेदारियां उनके निकट संबंधियों के हाथों में है। भाजपा प्रत्याशी बाबूराम पासवान के चुनाव कार्यालय की जिम्मेदारियां उनके बेटे ऋतुराज के कंधों पर हैं। बसपा प्रत्याशी केके अरविंद के चुनाव कार्यालय में जरूर पूर्व जिलाध्यक्ष मुनेंद्र पाल सागर व्यवस्थाएं देख रहे हैं। बीसलपुर में कांग्रेस प्रत्याशी अनीस अहमद उर्फ फूलबाबू के बरेली रोड स्थित कार्यालय की जिम्मेदारी उनके करीबी सफीकुर्रहमान शम्सी ने संभाल रखी है। भाजपा के रामसरन वर्मा के रोडवेज के निकट स्थित कार्यालय की जिम्मेदारी भाजपा कार्यकर्ता राकेश अवस्थी पर है। बसपा की दिव्या गंगवार के पीलीभीत रोड स्थित कार्यालय पर उनके भांजे रवि गंगवार सारी व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं।