पीलीभीत। अधिकारियों की अनदेखी के चलते मुख्य चौराहों पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं। इससे यहां पहुंचने वाले यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं और बच्चों को होती है।
वर्तमान में स्थानीय डिपो से 112 बसों का संचालन किया जाता है। इनमें 103 बसें निगम की व नौ बसें अनुबंध पर लगाई गई है। रोडवेज बस स्टैंड पर पर्याप्त जगह न होने के कारण यहां से बसों का संचालन न होकर शहर के नौगवां, असम चौराहा, टाइगर तिराहा, गौहनिया, छतरी चौराहा आदि स्थानों से होता है।
बावजूद इसके इन चौराहों पर परिवहन निगम के अधिकारी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। इन चौराहों पर यात्रियों के लिए न तो बैठने के लिए यात्री शेड बनाए गए हैं और न ही शौचालय का निर्माण कराया गया है। इससे यहां पहुंचने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही बसों की सही जानकारी नहीं होने से भी यात्री असमंजस में रहते हैं।
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रोडवेज बस स्टैंड पर जगह कम होने की बात तो समझ में आती है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के प्रति अनदेखी चिंताजनक है।
- शैलेंद्र
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काफी देर से पूरनपुर जाने के इंतजार में खड़े है। बस के आने का पता नहीं चल पा रहा है। न ही कोई जानकारी देने वाला मिल रहा है।
- पारस
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बसों का संचालन रोडवेज बस स्टैंड से किया जाता है। बावजूद इसके यात्री यहां पर पहुंचते ही नहीं है। यहां पर सभी पटलों पर कर्मचारियों की तैनाती है।
- पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
शहर के असम चौराहे के पास खड़े यात्री । संवाद
शहर के असम चौराहे के पास खड़े यात्री । संवाद