पीलीभीत। दुष्कर्म कर गर्भपात कराने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायाधीश छाया शर्मा ने आरोपी को दोषी पाते हुए 30 हजार रुपये जुर्माना सहित 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि में से 80 प्रतिशत पीड़िता को नियमानुसार दिए जाने का आदेश दिया है।
थाना न्यूरिया क्षेत्र के गांव की युवती ने थाना न्यूरिया में तहरीर दी कि उसकी नाबालिग लड़की मानसिक रूप से कमजोर है। चार माह पहले वह कूड़ा डालने खेत की तरफ गई थी। तभी श्यामाचरण आया। उसकी बेटी को बहला-फुसला कर गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। इससे वह गर्भवती हो गई।
27 नवंबर 2020 को लड़की को गर्भपात की दवाई खिलाई, जिससे गर्भपात हो गया। सारी बात बेटी ने उसे बताई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर वाद विवेचना आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाह न्यायालय में पेश किए गए, वहीं आरोपी ने निर्दोष होना बताया।
दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने श्यामाचरण को दोषी पाते 10 वर्ष के कैद की सजा दी है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नरेंद्र कुमार गंगवार ने की।