मंडलायुक्त ने मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दिए निर्देश, मंडल में बढ़ा सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ
संवाद न्यूज एजेंसी
बरेली। मंडल में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ कम करने के लिए दुर्घटना स्थलों को ए, बी, सी श्रेणियों में विभाजित कर सुरक्षा और सुधार के उपाय किए जाएंगे। मंगलवार को मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में हादसों और मृतकों की बढ़ती संख्या पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई।
बैठक में मंडलायुक्त ने एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायतीराज, पशुपालन और गन्ना विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाएं कम से कम हों इसके लिए संयुक्त कार्ययोजना बनाकर काम करें। समीक्षा में सामने आया कि बरेली में राष्ट्रीय राजमार्गों के मुकाबले जनपदीय और ग्रामीण मार्गों पर ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को सभी दुर्घटना स्थलों को श्रेणियों में बांटकर ज्यामितीय सुधार, दृश्यता बढ़ाने, संकेतक बोर्ड, रंबल स्ट्रिप समेत सुरक्षा उपाय कराने के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने चेताया कि स्कूली वाहन मानक पूरे करें इसको लिए नियमित अभियान जारी रहना चाहिए। गन्ना पेराई सत्र को देखते हुए गन्ना परिवहन में लगे वाहनों के पीछे की पूरी चौड़ाई को ढकते हुए लाल परावर्तक (रिफ्लेक्टिव) लगवाने के निर्देश दिए। बैठक में आरटीओ प्रशासन पंकज सिंह, आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा, एसपी ट्रैफिक अकमल खान समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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पीलीभीत में एनएच-731 को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव
समीक्षा बैठक में सामने आया कि पीलीभीत के सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं एनएच-731 पर हो रही हैं। मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों को इस हाईवे को फोरलेन किए जाने संबंधी प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। मार्ग का चौड़ीकरण न होने तक यहां दुर्घटनाएं रोकने के लिए अन्य सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए। शाहजहांपुर में सड़क हादसों की एक प्रमुख वजह घुमंतू पशुओं का होना पाया गया। मंडलायुक्त ने घुमंतू पशुओं की रोकथाम के लिए अभियान चलाने को कहा। बदायूं में एनएचएआई, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम को दुर्घटना स्थलों का निरीक्षण कर कमियों को चिह्नित करने और जल्द सुधारात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत सचिव होंगे सड़क सुरक्षा समिति के सह-सचिव
मंडलायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए ग्राम सड़क सुरक्षा समिति में पंचायत सचिव को सह-सचिव नामित करने के निर्देश दिए। सहायक विकास अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को मास्टर ट्रेनर के रूप में नामित कर ग्राम स्तर पर सड़क सुरक्षा और जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने को कहा गया।