पीलीभीत। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम की ओर से पांच वर्ष पूर्व लिया गया बेसन का नमूना जांच में फेल हो जाने पर प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर पाल ने आरोपी को दोषी पाते हुए चार लाख रुपये जुर्माना और छह माह के कारावास की सजा सुनाई।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 30 जनवरी 2020 को आवास विकास काॅलोनी स्थित बाबूराम पुत्र पंचम सिंह निवासी सिविल लाइन नार्थ की दुकान पर छापा मारा। यहां बेसन, दालें व अन्य खाद्य पदार्थ बिक्री के लिए रखे थे। खाद्य पदार्थों की बिक्री का लाइसेंस मांगने पर दुकानदार ने उपलब्ध नहीं कराया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने दुकान में मौजूद 30 किलो बेसन में से जांच के लिए एक किलो बेसन खरीदा और सभी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए नमूना सील कर दिया। जांच के लिए नमूना लखनऊ लैब भेजा गया। वहां से आई जांच रिपोर्ट में बेसन अमानक और मानव उपभोग के लिए हानिकारक पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से परिवाद दायर कराया गया। प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के पश्चात आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।