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नहीं रुकेगी टेंपो, मैजिक से अवैध वसूली

Mon, 03 Apr 2017 10:29 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
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नहीं रुकेगी टेंपो, मैजिक से अवैध वसूली
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 सत्ता परिवर्तन के बाद राजनैतिक हस्तक्षेप से काबिज टेंपो यूनियनों पर आधिपत्य के दावों को लेकर जोर आजमाइश तेज हो गई है। जिले की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत के बाद यूनियन पर कब्जे की लड़ाई सड़क से लेकर अफसरों तक पहुंचने लगी है। कार्रवाई के नाम पर अफसर चुप्पी साधे हैं। यानी राजनैतिक दबाव पुलिस पर हावी है। जिले में संचालित टेंपो व मैजिक यूनियन कितनी वैध है। इसको लेकर पहले भी कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं। हर बार पुलिस अधिकारियों ने जांच की बात कहकर मामले को दबाने का प्रयास किया। कभी आपसी तालमेल तो कभी राजनैतिक दबाव अहम कारण रहा। यानी जिसकी सत्ता, उसके नुमाइंदे। इस जुमले के आधार पर लंबे समय से जिले के विभिन्न मार्गों पर टेंपो यूनियन बनते चले गए। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के साथ जिले से चारों सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत के बाद यूनियन को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। सपा सरकार में चल रही यूनियनों को अवैध बताकर उन पर कार्रवाई की नहीं, बल्कि खुद काबिज होने की कोशिश शुरू हो गई है। कथित ठेकेदार खुद को सत्ता का करीबी बताकर यूनियन पर काबिज होने की दावेदारी करने वालों की फेहरिस्त बढ़ने लगी है। वर्तमान में चल रही यूनियनों को अवैध बताया जा रहा है। अफसर भी हामी भर रहे हैं, लेकिन राजनैतिक कारणों के चलते कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सत्ता में आए भाजपा नेताओं के करीबियों को काबिज कराने की जुगत भिड़ाई जा रही है। यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बावजूद कथित यूनियन बनाकर टेंपो, ऑटो और मैजिक चालकों से अवैध वसूली जारी रहेगी।
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 कई बार हो चुका है विवाद 
टेंपो यूनियनों को लेकर पहले भी आपस में मारपीट हो चुकी है। बीसलपुर रोड पर चलने वाली यूनियन को लेकर दो साल पहले विवाद गहराया था। इसके अलावा पूरनपुर घुंघचाई मार्ग पर भी मारपीट हुई। जिसमें दोनों पक्षों को शांतिभंग में कार्रवाई कर टाल दिया गया। 
आज तक पूरी नहीं हो सकी जांच 
बरेली, पूरनपुर, माधोटांडा, मझोला, पूरनपुर, घुंघचाई आदि मार्ग पर चलने वाले टेंपो यूनियनों द्वारा की जा रही वसूली की शिकायत वर्ष 2016 में एसपी से की गई थी। अधिवक्ताओं ने भी इसको लेकर प्रदर्शन कई बार किए। जिसके बाद तत्कालीन एसपी जेके शाही, जवाहर और अनिल कुमार सिंह ने इसकी जांच टीएसआई को दी थी। तीनों एसपी के तबादले हो गए, लेकिन जांच ज भी पूरी नहीं हो सकी है।
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पुलिस को भी पहुंचती है रकम 
यूनियन बनाकर टेंपो व मैजिक के चालकों से एक मुश्त रकम ली जाती है। जिसका एक हिस्सा पुलिस को भी पहुंचाए जाने की बात आम है। यही कारण रहता है कि वाहनों में डग्गामारी खुलेआम होती है। जिसको देखकर अनदेखा किया जाता है। 
यूनियन सिर्फ वसूली तक सीमित 
टेंपो, मैजिक यूनियन को वाहनों के वेलफेयर को लेकर बनाया जाता है, लेकिन वेलफेयर की हकीकत वसूली तक सीमित रह जाती है। यहां तक कि अगर कोई वाहन चालक रुपये देने से इनकार करे तो उससे गुंडई व मारपीट कर दबाव बनाया जाता है। 
यूनियन को लेकर कुछ दिन पूर्व विवाद की जानकारी हुई थी, जिसको लेकर थाना पुलिस को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यूनियन के नाम पर गुंडागर्दी और डग्गामारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। - अनुराग दर्शन, सीओ सिटी 
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