पीलीभीत। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। जो चिकित्सक हैं भी वह भी काम के अतिरिक्त बोझ से परेशान हैं। सर्जरी और एनेस्थीसिया के लिए चिकित्सक न होने से पहली अगस्त से ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। मरीज रेफर किए जा रहे हैं। ऐसा तब है जब प्रभारी सीएमएस की ओर से शासन के सचिव से लेकर विभाग में अपर निदेशक तक को अवगत कराया गया है।
जिला अस्पताल में चार-पांच मरीजों के ऑपरेशन रोज होते आए हैं। 30 जुलाई को दो सर्जन और एनेस्थीसिया देने वाले एक चिकित्सक को कार्यमुक्त किया गया। इनके स्थान पर किसी चिकित्सक ने योगदान नहीं दिया है। इसके बाद से ऑपरेशन ठप हो गए हैं। मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। इमरजेंसी की स्थिति में यदाकदा मरीजों को बरेली रेफर कर दिया जा रहा। वर्ना मरीज आर्थिक बोझ उठाकर प्राइवेट अस्पतालों का रुख करने को मजबूर हैं। इसे लेकर मरीज शिकायत भी दर्ज करा रहे हैं।
सीएमएस ने भी स्वीकार किया कि शासन स्तर से चिकित्सकों के तबादले होने के बाद से जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गई हैं। इसका सीधा असर जिले के लोगों पर पड़ा है। ओपीडी के अलावा जिले भर से इमरजेंसी मरीजों को चाहते हुए भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। कुल 26 चिकित्सकों के सापेक्ष दस चिकित्सक ही तैनात हैं। इनमें भी विशेषज्ञ गिनती के हैं।
ऑपरेशन को पहुंचे पर लौटाए गए
अगर हड्डी टूट गई है और ऑपरेशन की तत्काल जरूरत है तो भी जिला अस्पताल से रेफर किया जा रहा है। लोग निजी अस्पताल जाएं या बरेली के जिला अस्पताल में ऑपरेशन कराएं। इसी तरह से कान और गला संबंधी छोटे-मोटे ऑपरेशन भी बंद हो गए हैं। हाइड्रोसील के सामान्य ऑपरेशन हो जाते थे। अब मरीज लौट रहे हैं। पिपरिया आगरू निवासी दिलीप सक्सेना ने बताया कि वह हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराने तीन दिन तक जिला अस्पताल गए पर लौटा दिया गया।
प्रभारी सीएमएस ने 20 दिन में भेजे दो पत्र
प्रभारी सीएमएस डॉ. बीएस यादव जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने की जुगत में हैं। रिक्त पदों से परेशानी के बाबत शासन को भी अवगत कराया गया। इसके लिए 27 जुलाई को अपर निदेशक के माध्यम से शासन को पत्र भेजा था। कोई सुनवाई न होने से फिर से पत्र भेजा गया है।
इमरजेंसी मेडिकल अफसर के चारों पद खाली
जिला अस्पताल में ओपीडी नियमित चल रही है लेकिन इमरजेंसी सेवाओं को व्यवस्थित रखना चुनौती बनी हुई है। दरअसल इमरजेंसी मेडिकल अफसर (ईएमओ) के चार पद स्वीकृत हैं, वर्तमान में सभी रिक्त हैं। ऐसे में किसी तरह एक चिकित्सक की दो से तीन शिफ्ट के आधार पर लगातार ड्यूटी लगाई जा रही है। उसमें भी कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। सर्जरी के चिकित्सक न होने से एक अगस्त से ऑपरेशन बंद हैं। विभागीय स्तर से शासन को अवगत कराया गया है। रिक्त पदों को भरने के प्रयास जारी है। - डॉ. बीएस यादव, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
चिकित्सकों की तैनाती शासन स्तर से होनी है। रिक्त पदों को भरने के लिए सीएमएओ स्तर से पत्र मिलने के बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा। - डॉ. दीपक ओहरी, अपर निदेशक स्वास्थ्य,बरेली