चुनाव खर्च नहीं रखा तो जा सकती है विधायकी
फोचुनाव आयोग इस बार खर्च को लेकर काफी सतर्क है। चुनाव खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत न करने पर चुनाव लड़ने पर तीन साल तक रोक लग सकती है साथ ही यदि चुनाव हो गया तो विधायकी भी जा सकती है। व्यय प्रेक्षक ने लेखा टीम के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी। विधानसभा चुनाव के खर्चों पर निगरानी के लिए आयोग की ओर से नियुक्त व्यय प्रेक्षक प्लास भोयार बृहस्पतिवार शाम पीलीभीत पहुंचे थे। शुक्रवार को उन्होंने मंडी गेस्ट हाउस स्थित कैंप कार्यालय में चुनाव के लिए नियुक्त लेखा टीम के साथ बैठक की। सहायक लेखा प्रेक्षकों, सहायक नोडल सहित लेखा टीम के सदस्यों को व्यय प्रेक्षक ने आयोग के निर्देशों की जानकारी दी। कहा कि प्रत्येक प्रत्याशी को अलग बैंक खाता खोलने के साथ तीन रजिस्टर क्रमश: दैनिक रजिस्टर, कैश रजिस्टर व बैंक रजिस्टर बनाने होंगे। प्रतिदिन का हिसाब रखने के साथ बैंक रजिस्टर में खाते के लेनदेन का विवरण रहेगा। व्यय प्रेक्षक ने सभी अधिकारियों को प्रत्याशियों का रजिस्टर चेक करने का तरीका बताया। उसमें देखे जाने वाले बिंदुओं की जानकारी दी। बैठक में मुख्य कोषाधिकारी महामिलिंद लाल, सहायक नोडल अधिकारी मनोज कुमार यादव, सहायक व्यय प्रेक्षक पीलभीत के दलजीत सिंह, बरखेड़ा के अंकुर राज, पूरनपुर के विनीत तिवारी और बीसलपुर के अजय राय, व्यय अनवीक्षण टीम के प्रदीप चौहान, आबकारी अधिकारी ओमप्रकाश चौरसिया आदि थे।