डब्ल्यूएचओ की तर्ज पर मरीजों की बीमारी व इलाज फाइल का रिकॉर्ड होगा संकलित
पीलीभीत। अब जल्द ही प्रदेश व देश स्तर पर पीलीभीत मेडिकल कॉलेज विभिन्न बीमारियों व उसके इलाज पर अपने रिसर्च (शोध) प्रस्तुत करेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज की ओर संबद्ध जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की बीमारियों व इलाज, दवाएं को लेकर कंप्यूटरीकृत मेडिकल रिकॉर्ड बनाना शुरू किया गया है। इससे भविष्य में जहां पीलीभीत मेडिकल कॉलेज के रिसर्च से जिले का नाम रोशन होगा। वहीं, अच्छे इलाज व शोध से स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार हो पाएगा।
भर्ती मरीजों के लिए संकलित रिकॉर्ड विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की आईसीडी-11 प्रणाली के अनुसार तैयार व वर्गीकृत किए जाएंगे। इससे न केवल मरीजों के उपचार संबंधी अभिलेख सुरक्षित, व्यवस्थित रहेंगे, बल्कि जिले में विभिन्न बीमारियों के सटीक आंकड़े भी उपलब्ध हो सकेंगे। भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर योजना बनाने के साथ सर्जरी, मेडिसिन, ईएनटी, मानसिक रोग, हड्डी सहित अन्य विभागों के प्रोफेसर चिकित्सीय शोध करेंगे।
मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि मेडिकल रिकॉर्ड विभाग (एमआरडी) को सुदृढ़ करते हुए आईसीडी-11 आधारित रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली लागू कर दी है। इसमें मरीजों की फाइलों का कोडिंग, वर्गीकरण सुरक्षित संरक्षण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। संकलित डेटा में मरीज का चिकित्सकीय इतिहास, जांच रिपोर्ट, उपचार, ऑपरेशन व डिस्चार्ज जैसी महत्वपूर्ण जानकारी होगी। संवाद
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बीमारी बढ़ने से पहले ही चल जाएगा पता
जिला अस्पताल में अमूमन रोजाना दो हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस प्रणाली के लागू होने से जिले में कौन-कौन सी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, किस विभाग में किस रोग के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। रोगों की प्रवृत्ति में किस तरह के बदलाव हो रहे हैं। यह आसानी से पता चल जाएगा। जिसकी पूर्व में ही तैयारी की जा सकेगी।