बीसलपुर। कमल हत्याकांड का पुलिस ने 14 महीने तक चली जांच पड़ताल के बाद आखिरकार खुलासा कर दिया। उसकी हत्या प्रेम संबंध के चलते पत्नी ने देवर के साथ मिलकर की थी। इसके बाद हत्या की एफआईआर दर्ज करा दी गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका चालान किया। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दुबे निवासी कमल जोशी की 22 मार्च 2019 को संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो गई थी। उनका शव घर के एक कमरे में फंदे पर लटका मिला था। पत्नी मधु से मिली तहरीर पर पुलिस ने आत्महत्या को विवश करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें मोहल्ले के ही रिंकू दुबे और गांव अमृता खास निवासी धर्मवीर गंगवार को नामजद किया गया था। तहरीर में बताया गया था कि कमल ने आगरा की एक फाइनेंस कंपनी से 41 हजार का लोन लिया था। लोन धर्मवीर ने दिलवाया था। इसमें रिंकू गारंटर बना था। आरोप लगाया कि किस्तें जमा न होने पर दोनों ने दबाव बनाया तो परेशान होकर खुदकुशी कर ली। दोनों आरोपियों पर 20 मार्च को बंधक बनाकर कमल को पीटने का भी आरोप लगाया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर मामला हत्या का निकला। उसमें शरीर पर चोट के निशान मिले और गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि कमल की पत्नी मधु के अपने देवर विजय से प्रेम संबंध थे। इसकी जानकारी कमल को हो गई थी। वह दोनों के रिश्ते का विरोध करने लगा। तभी मधु और विजय ने 22 मार्च को पहले कमल की पहले डंडों से पिटाई की और फिर गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में आत्महत्या का रूप देने के लिए शव फंदे पर लटका दिया गया। इसके कई साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। रविवार को दोनों की गिरफ्तारी की गई। सीओ लल्लन सिंह ने कोतवाली पहुंचकर दोनों से पूछताछ की। उसमें दोनों ने हत्या की पूरी कहानी बताई। इसके बाद दोनों का चालान कर दिया गया। उसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।