पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश अनु सक्सेना ने गैर इरादतन हत्या करने के आरोपी पति को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 59 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
थाना बीसलपुर के ग्राम चौसरा निवासी जगत नारायण ने थाना बिलसंडा में तहरीर देकर कहा कि उसकी बहन रेनू देवी की शादी 12 साल पहले थाना बिलसंडा के ग्राम मोहम्मदपुर निवासी श्रीधर तिवारी के साथ हुई थी। शादी में अपनी सामर्थ के अनुसार दहेज दिया था।
बहनोई श्रीधर तिवारी दहेज से संतुष्ट नहीं था। वह और दहेज की मांग पूरी करने के लिए अक्सर बहन के साथ मारपीट करता था। जिससे पति पत्नी में विवाद रहता था। छह जनवरी 2020 को शाम साढ़े पांच बजे बहनोई श्रीधर तिवारी, उसके तहेरे भाई होरी लाल व उसकी पत्नी नीरज कुमारी और पुत्र अभिषेक ने पुनः दहेज की मांग को लेकर बहन रेनू देवी से विवाद किया।
विरोध करने पर लाठी डंडों से उसकी बुरी तरह पिटाई की। जिससे उसकी बहन की सात जनवरी 2020 की सुबह मृत्यु हो गई। सूचना पर वह परिवार के साथ गया तो रेनू देवी का शव घर के कमरे में पड़ा था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना में पति श्रीधर तिवारी को दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
न्यायालय ने दोनों ओर से प्रस्तुत तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोष सिद्ध पति को सजा सुनाई।