काटी जेल, गिरवी रखे खेत, बहन की शादी रुकी
जेल से बाहर आए उमेश ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वह और उसके माता-पिता को जेल भेज दिया गया। पिता भीमसेन और मां फूलवती तीन-तीन महीने जेल में बंद रहे। उमेश की रिहाई मुकदमे में फैसला आने पर करीब 31 माह बाद हुई है।
उमेश ने बताया कि इन तीन वर्षों में उसने जो खोया है, उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। उसके जेल जाने के बाद एक नाबालिग भाई व बहन ने जैसे-तैसे गुजारा किया। बहन की शादी और भाई की पढ़ाई रुक गई। उमेश ने बताया कि चार बीघा खेत और जेवर गिरवी रखे हैं। उसके पास हार्निया के इलाज के पैसे नहीं है। उमेश ने बताया कि सात अप्रैल को मुकदमे में निर्णय आया है। अगले दिन वह जेल से छूटकर घर पहुंचे।