संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। कृषि कार्यों में पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्राॅलियों का मालवाहक वाहनों की तरह व्यावसायिक उपयोग हो रहा है। इनसे मिट्टी, गिट्टी-मौरंग, ईंट और अन्य सामान ढोया जा रहा है।
लोग ट्राॅलियों में बैठकर जोखिम के बीच सफर भी कर रहे हैं, मगर विभाग बेपरवाह है। ट्रैक्टर-ट्राॅलियों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक तो लगी नहीं, विभाग अब ट्राॅलियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाने की कवायद में जुटा है। सड़क हादसों की रोकथाम के प्रयासों में अब ट्रॉलियों का भी पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में शासन स्तर से निर्देश भी जारी हो चुके हैं। ट्रॉलियों पर भी एचएसआरपी लगने से हादसा होने पर आसानी से मालिक का पता लगाया जा सके।
हालांकि यह व्यवस्था पुरानी है, मगर अब इसका सख्ती के साथ पालन कराया जाएगा। ट्रॉली का निर्माण करने वाले निर्माता को भी परिवहन विभाग में अपना पंजीयन कराना होगा।