चंद दिन की सख्ती के बाद पुराने ढर्रे पर पुलिस
शाम होते ही नशेड़ियों के आगे बेबस हो जाते हैं राहगीर
सार्वजनिक स्थल पर जाम छलकाने वालों पर सख्त कार्रवाई के दावे अफसरों के अभिलेखों तक सीमित रह गए हैं। एसपी के जाने के बाद कुछ दिन सख्ती बरतने के बाद थाना स्तर पर पुलिस पुराने ढर्रे पर आ गई है। सड़कों पर हालात जस के तस बने हुए हैं और शाम ढलते ही राहगीरों, खासकर महिलाओं का निकलना दूभर बना हुआ है। प्रशासन इसको लेकर ठोस बंदोबस्त करने के बजाए फिर अभियान चलाकर कार्रवाई का आश्वासन देने में जुटा है। वैसे तो यह समस्या सालों पुरानी है। जनपद में चार्ज ग्रहण करने के बाद हर पुलिस अधिकारी इसको लेकर सख्ती करने की बात कहता है। इसका कुछ दिन असर सड़कों पर दिखता भी है, लेकिन हालात चंद दिन बाद वैसे ही हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही कप्तान कलानिधि नैथानी के समय में भी हो रहा है। एसपी के आगमन के बाद चलाए गए अभियान में रोजाना पुलिस ने दबिश देकर होटल, ढाबों, ठेलों पर शराब पीने वालों को खदेड़ा। हाईवे से लेकर शहर के मुख्य चौराहे तक कार्रवाई की गई, लेकिन अब इसका कोई असर सड़कों पर नहीं है। थाना स्तर से बरती जा रही लापरवाही और अफसरों की अनदेखी के चलते होटल, ढाबे शाम ढलते ही मैखाने का रूप धारण कर लेते हैं। खास बात यह रहती है कि यह सब पुलिस की जानकारी में होता है। सिर्फ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती।
कई बड़ी घटनाएं आ चुकी हैं सामने
नशा कर सड़कों पर हुड़दंग करने से लेकर कई संगीन मामले पहले भी प्रकाश में आ चुके हैं। छतरी चौराहा स्थित कस्बा चौकी के पास एक होटल पर शराब पीने के बाद कुछ नशेड़ी किस्म के रईसजादों ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया था। छतरी चौराहे पर ही यूपी 100 के सिपाही से हाल ही में दो युवकों ने गुंडई की। इसके अलावा जिला अस्पताल गेट पर तो चंद दिन पहले ही संविदा स्वास्थकर्मी और दूसरे गुट के युवाओं के बीच भिड़ंत हुई थी।
खुद पुलिस भी करती है उल्लंघन
अधिकारियों के दिए निर्देशों का जमीनी स्तर पर अनुपालन न करा पाने में पुलिस महकमा खुद जिम्मेदार है। छतरी चौराहा, आसाम चौराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, बरहा रोड, दियूनी डेैम, रोडवेज सहित कई ऐसे इलाके हैं, जहां खुलेआम जाम छलकाने का सिलसिला आज भी जारी है। इन इलाकों में कई बार खुद पुलिसकर्मी जाम छलकाते दिखाई देते हैं।