प्राचीन इकोत्तहर नाथ मंदिर
घुंघचाई क्षेत्र में स्थित प्राचीन इकोत्तहर नाथ मंदिर का इतिहास भी महाभारत काल से जुड़ा बताया जाता है। सावन माह में विभिन्न घाटों से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़िये यहां जलाभिषेक करते हैं और इसके बाद गोला गोकर्णनाथ के लिए प्रस्थान करते हैं।
केंद्र सरकार की पर्यटन नीति और बजट में संभावित प्रावधानों से अब उम्मीद की जा रही है कि पीलीभीत के ये धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से अपनी पहचान बनाएंगे। यशवंतरी देवी मंदिर के महंत राजेश वाजपेयी का कहना है कि मंदिर को अगर पर्यटन के रूप में विकसित किया जाता है तो यह सरकार का एक सराहना कदम होगा। यहां न स्नानघर न ही विश्रामालय। ऐसे में यह सब व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। श्रद्धालुओं को लाभ मिल सकेगा।