जिले में करीब 1000 होमगार्ड जवान तैनात हैं, लेकिन यह सभी जवान अवैतनिक हैं। इन होमगार्डों को पुलिस के साथ चाहे कानून व्यवस्था का मामला हो या अन्य संवेदनशील स्थानों पर ड्यूटी करना, मात्र सवा दो सौ रुपये दैनिक पर ही अपने कार्यों को अंजाम देते आ रहे हैं।
बसपा सरकार के कार्यकाल में इंटरमीडिएट पास होमगार्डों को सुरक्षा वाहिनी का गठन कर मासिक वेतन पर तैनात किया गया था, लेकिन शेष की स्थिति आज भी जस की तस बनी हुई है।
हाल ही में जनरल कमांडेंट होमगार्ड के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कंपनी से प्रशिक्षित तैराक की सूची मांगी थी। जिसको लेकर जिलास्तर पर तैयारी चल रही है। इधर, अब प्रांतीय मुख्यालय ने जिला होमगार्ड कमांडेंट से कंप्यूटर, ड्राइवर, मोटर मैकेनिक, पंप आपरेटर, राज मिस्त्री, दर्जी, कुक, मोची, माली, फायर फाइटिंग, इलैक्ट्रीशियन में निपुण जवानों की सूची मांगी है। जिला कमांडेंट अजय कुमार पांडेय ने सभी कंपनी कमांडर व बीओ को पत्र भेजकर अपनी-अपनी कंपनी के योग्य होमगार्डों की सूची तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं।